NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। सीबीआई ने फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) के अध्यक्ष मोंटू एम. पटेल के परिसरों पर छापेमारी की। पटेल के खिलाफ फार्मेसी कॉलेजों के निरीक्षण और अनुमोदन प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार एवं प्रणालीगत अनियमितताओं के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि पटेल के खिलाफ यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर की गई, जिसमें कॉलेजों को मंजूरी देने में कथित भ्रष्टाचार, नियंत्रण और संभावित हेरफेर के उदाहरण सामने आए थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने फार्मेसी कॉलेजों द्वारा मान्यता प्राप्त करने के तरीकों की जांच की, जिसमें स्थापित मानदंडों का अनुपालन न होने और पारदर्शिता की कमी सामने आई।
ऑनलाइन निरीक्षण से शुरू हुआ भ्रष्टाचार प्रारंभिक जांच के अनुसार, पटेल के कार्यकाल में मानक निरीक्षण प्रारूप (एसआईएफ) के ऑनलाइन आवेदनों को लागू किया गया। ऑनलाइन निरीक्षण से ही कथित भ्रष्टाचार की शुरुआत हुई। इसका प्रमुख उदाहरण अयोध्या स्थित रामेश्वर प्रसाद सत्य नारायण महाविद्यालय का मामला है। नकारात्मक रिपोर्ट के बावजूद दी अनुमति अधिकारियों ने कहा कि तीन जुलाई 2023 को आठ मिनट के ऑनलाइन निरीक्षण के बावजूद, जिसमें प्राचार्य की अनुपस्थिति और गैर-अनुपालन वाले बुनियादी ढांचे का उल्लेख किया गया था। अनुपालन रिपोर्ट के आधार पर पटेल ने निरीक्षकों की नकारात्मक रिपोर्ट के बावजूद संस्थान को डी. फार्मा पाठ्यक्रम संचालित करने की मंजूरी दे दी। इसके अलावा पटेल की अध्यक्षता वाली कार्यकारी समिति ने छह अन्य कॉलेजों एसएसडी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, गगन कॉलेज ऑफ फार्मेसी, शांति देवी जैन डिग्री कॉलेज, हेवर्ड कॉलेज ऑफ फार्मेसी, वीर शिवाजी कॉलेज ऑफ फार्मेसी और सुभावती कॉलेज ऑफ फार्मेसी को भी मंजूरी दे दी।
सीबीआई दौरे में जर्जर इमारत मिली अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने अपनी जांच में पाया कि कॉलेज का स्वामित्व और नियंत्रण विनोद कुमार तिवारी के पास था, जिसने कथित तौर पर प्राथमिक शिक्षक संतोष कुमार झा को 10 लाख रुपये नकद और बैंकिंग चैनलों के माध्यम से अतिरिक्त 95,000 रुपये का भुगतान किया था। सीबीआई ने संस्थान का दौरा किया, तो वहां एक जीर्ण-शीर्ण इमारत मिली, जिसमें न तो कोई संकाय था, न ही कोई बुनियादी ढांचा और न ही कोई छात्र। पटेल के कार्यकाल में 23 कॉलेजों में कमी निकली एजेंसी ने पटेल के कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में 23 अनुमोदित कॉलेजों में व्यापक कमियों को उजागर किया है। पटेल ने लाभ के लिए सभी संस्थाओं को मंजूरी दी प्राथमिकी के अनुसार, प्रारंभिक जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि मोंटू कुमार पटेल ने कार्यकारी समिति के अज्ञात सदस्यों के साथ आपराधिक साजिश में, स्वयं या दूसरों के लिए अनुचित लाभ प्राप्त करने के बदले में उपरोक्त संस्थाओं के पक्ष में मंजूरी दी।

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