NCR TODAY. Khabariya. Ghaziabad। इंदिरापुरम थानाक्षेत्र में कार्यालय खोलकर जालसाजों ने लोगों को विदेश में नौकरी का झांसा दिया। 70-80 हजार रुपये वेतन की नौकरी के फर्जी ऑफर लेटर दिए, वीजा के नाम पर पासपोर्ट और लाखों रुपये ले लिए।
एक माह पूर्व जालसाज कार्यालय बंद कर फरार हो गए। पीड़ितों की शिकायत पर थाना इंदिरापुरम में बुधवार को रिपोर्ट दर्ज की गई है। गोरखपुर के गिरधरपुर निवासी शनि विश्वकर्मा इलेक्ट्रीशियन हैं। वह विदेश में जॉब के लिए प्रयास कर रहे थे।
दिसंबर 2024 में उन्होंने मिड जॉब्स नाम का ऐप इंस्टाल किया, जिसमें उन्होंने विदेश में जॉब करने के लिए आवेदन किया। उन्होंने अपने साथी भगवती चौधरी, आनंद विश्वकर्मा, अकाश विश्वकर्मा, चंदन चौरसिया, संदीप चौरसिया, लालचंद शर्मा, प्रिंस विश्वकर्मा समेत आठ लोगों का पंजीकरण ऐप में कराया, जिसके बाद उन्हें सुनील नाम के व्यक्ति ने फोन किया।
उसने पासपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज लेकर कंपनी के इंदिरापुरम के राज हंस प्लाजा स्थित कार्यालय में बुलाया। जनवरी 2025 में शनि व अन्य साथियों के दस्तावेज दिए। यहां सुनील के साथ सहील अली भी मिला। दोनों ने बताया कि जॉर्डन में 80 हजार रुपये मासिक वेतन की जॉब मिलेगी। कंपनी की ओर से रहने व खाने की सुविधा होगी। साथ ही कहा कि एक व्यक्ति की जॉब के लिए 80 हजार रुपये खर्च बताया। इसमें वीजा शुल्क के साथ चिकित्सीय परीक्षण और विमान टिकट का शुल्क भी शामिल होगा। आरोपियों ने कहा कि 50 हजार रुपये एडवांस में देने होंगे और 30 हजार रुपये विदेश की उड़ान भरने से ठीक पहले भुगतान करना होगा।
शनि ने अपने खाते से सभी आठ लोगों के एडवांस के रूप में चार लाख रुपये दस्तावेज समेत आरोपियों को दे दिए। जून के पहले सप्ताह में ही सुनील ने ऑनलाइन टिकट भेजकर बताया कि बाकी पैसों का इंतजाम कर लो। छह जून को विदेश जाना है। तीन जून को वह गोरखपुर से कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो यहां ताला लटका मिला।
टिकट का सत्यापन किया तो सभी टिकट भी रद्द किए जा चुके थे। एक मोबाइल नंबर बंद है, जबकि दूसरा अब भी चल रहा है। शनि का कहना है कि आरोपियों ने पैसे तो हड़पे ही, उनके दस्तावेज भी ले लिए। 50 से अधिक लोगों से ठगी शनि का कहना है कि उन्होंने आठ लोगों का पंजीकरण कराया था। मगर तीन जून को कार्यालय पहुंचे तो यहां 50 से अधिक लोग इकट्ठे थे।
सभी से इसी तरह ठगी की गई थी। आसपास के लोगों ने बताया कि कार्यालय पर 10 दिन से ताला लटका है। कई बार फोन करने पर भी जालसाज पैसे नहीं लौट रहे हैं। सीओ इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मोबाइल नंबर व बैंक खातों के आधार पर छानबीन कर रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।