वेबवार्ता. खबरिया न्यूज. एनसीआर टुडे. गंगटोक। सिक्किम में लगातार मूसलधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। विशेषकर उत्तरी सिक्किम के मंगन जिले में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां तीस्ता नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है और कई स्थानों पर भूस्खलन ने रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध कर दिए हैं। इसके चलते लाचेन में 115 और लाचुंग में करीब 1350 पर्यटक फंसे हुए हैं।
भारतीय मौसम विभाग (आएमडी) ने मंगन जिले के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जबकि नामची, सोरेंग, गंगटोक और पाकयोंग जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया गया है।
शनिवार रात फिदांग गांव और आसपास के इलाकों में बादल फटने से भारी तबाही हुई। तीव्र वर्षा और भूस्खलन के कारण कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और बिजली तथा संचार सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गई हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जब तक मौसम साफ नहीं होता और सड़क मरम्मत का कार्य शुरू नहीं होता तब तक बचाव कार्य असंभव है। वर्तमान में रस्सियों और वैकल्पिक उपायों से ही बचाव की योजना बन रही है, लेकिन इसके लिए भी बारिश रुकना आवश्यक है।परिजनों की चिंता चरम पर मोबाइल नेटवर्क ठप होने के कारण फंसे पर्यटकों के परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे वे गहरी चिंता में हैं। लाचुंग और लाचेन जैसे संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर आवागमन पूरी तरह बाधित है।
असम-अरुणाचल सीमा पर बाढ़ में फंसे 14 लोगों को वायुसेना ने बचाया
वेबवार्ता. खबरिया न्यूज. एनसीआर टुडे. गुवाहाटी। भारतीय वायुसेना ने रविवार सुबह असम-अरुणाचल सीमा के पास बोमजीर गांव में फंसे 14 लोगों को बचाया। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण असम और अरुणाचल प्रदेश में कई नदियों में बढ़ते जलस्तर के बीच 14 लोग गांव में फंस गए थे। 
तिनसुकिया जिला आयुक्त स्वप्निल पॉल के अनुरोध पर आज सुबह बचाव अभियान शुरू किया गया। बचाव प्रयासों में समन्वय के लिए अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग घाटी जिले के अधिकारियों को भी सतर्क कर दिया। वायुसेना के सक्रिय सहयोग से अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया और बचाव की निगरानी के लिए सदिया राजस्व मंडल अधिकारी जयदीप रजक मौके पर मौजूद थे।
श्री पॉल ने बताया कि बचाए गए लोगों में से 13 तिनसुकिया जिले के हैं, जबकि एक अरुणाचल प्रदेश का है। सभी 14 लोग सुरक्षित हैं और उन्हें उनके घर वापस भेज दिया गया है।