NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। सुप्रीम कोर्ट ने 2.1 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति के मामले में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता और तमिलनाडु के मंत्री आई. पेरियासामी तथा उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ विशेष अदालत में जारी कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ए. जी. मसीह की पीठ ने 18 अगस्त को इस मामले में नोटिस भी जारी किया। पीठ ने कहा, ”डिंडीगुल में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मामलों के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सह विशेष न्यायाधीश के समक्ष लंबित कार्यवाही पर रोक रहेगी।”
शीर्ष अदालत ने यह आदेश पेरियासामी की उस अपील पर दिया जिसमें उन्होंने 28 अप्रैल के मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें विशेष अदालत को उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था।
उच्च न्यायालय ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) द्वारा दायर याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया। इन याचिकाओं में पेरियासामी और उनके परिवार के सदस्यों को मामले से बरी करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने उस आदेश को खारिज कर दिया और विशेष अदालत को हर दिन सुनवाई करके छह महीने के भीतर सुनवाई पूरा करने का निर्देश दिया।
पेरियासामी पर आरोप है कि उन्होंने 2006 से 2010 के बीच मंत्री रहते हुए अपने और अपनी पत्नी पी. सुशीला तथा बेटों पी. सेंथिलकुमार और पी. प्रभु के नाम पर 2.1 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की थी, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक थी। डीवीएसी ने उन्हें बरी किए जाने को चुनौती दी और 2018 में उच्च न्यायालय में अपील दायर की। पेरियासामी मौजूदा द्रमुक सरकार में ग्रामीण विकास, पंचायत और पंचायत संघ विभाग संभालते हैं।

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