NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक में चल रहे धर्मस्थल विवाद के दौरान सांप्रदायिक साजिशों को हवा देने के लिए संदिग्ध विदेशी फंडिंग के इस्तेमाल के आरोपों की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। इस बीच मंगलुरु पुलिस ने दो कार्यकर्ताओं गिरीश मत्तनवर और महेश शेट्टी टिमरोडी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया है दोनों कार्यकर्ताओं पर इस प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले वीडियो प्रसारित करने के आरोप हैं।
वहीं, ईडी उन सभी संस्थाओं और हितधारकों से जुड़े तथ्य और दस्तावेज एकत्र कर रही है, जिन पर विवाद भड़काने के लिए संदिग्ध फंड के इस्तेमाल के आरोप हैं। इनमें कुछ एनजीओ भी शामिल हैं। ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। मालूम हो कि इस प्रकरण को लेकर कर्नाटक भाजपा ने सोमवार को दक्षिण कन्नड़ जिले में एक रैली निकाली थी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि मंदिर नगरी धर्मस्थल के खिलाफ साजिश रची जा रही है। रैली में भाजपा ने केंद्रीय एजेंसी एनआईए या सीबीआई से जांच की मांग की थी।
इस मांग के अगले ही दिन ईडी ने जांच शुरू कर दी है। मालूम हो कि एक पूर्व सफाई कर्मी चिन्नैया ने दावा किया था कि धर्मस्थल क्षेत्र में उसे महिलाओं और नाबालिगों सहित कई शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। उनमें से कई पर यौन उत्पीड़न के निशान थे। उसके आरोप स्थानीय मंदिर प्रशासकों की ओर इशारा करते थे। हालांकि, बाद में चिन्नैया को झूठे दावे के आरोप में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस ने भाजपा को घेरा दो सामाजिक कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज होने के बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि धर्मस्थल की छवि धूमिल करने की एक साजिश थी। इसमें भाजपा भी शामिल हो गई। आरोप लगाया कि धर्मस्थल को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जा रहा है। दोनों आरोपी कार्यकर्ता कुछ लोगों के साथ मिलकर कई दिनों तक बेल्थांगडी में ब्लॉगर्स को इकट्ठा करते रहे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठे और भड़काऊ वीडियो प्रसारित करते रहे। कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने आरोप लगाया कि दोनों कार्यकर्ता आरएसएस और भाजपा से जुड़े हैं।