NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने लद्दाख में प्रदर्शनकारियों पर ‘हिंसक कार्रवाई’ की बृहस्पतिवार को निंदा की और कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों से सार्थक बातचीत करनी चाहिए।
वामपंथी दल ने एक बयान में यह आरोप भी लगाया कि हिंसा भड़काने वाली स्थिति पैदा करने के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। बयान में कहा गया है, ‘माकपा का पोलित ब्यूरो केंद्र सरकार के अधीन प्रशासन द्वारा लद्दाख के लोगों के क्रूर दमन की कड़ी निंदा करता है। इस हिंसक कार्रवाई के परिणामस्वरूप चार लोगों की दुखद मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।’
उसने कहा, ‘पिछले छह वर्षों से, लद्दाख के लोग पूर्ण अधिकार प्राप्त विधायिका के साथ राज्य का दर्जा और साथ ही इस क्षेत्र को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। इससे उन्हें कई पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों को मिलने वाले संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त होंगे।’
वाम दल ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा इन अधिकारों की मांग को लगातार नजरअंदाज किया गया है। उसका यह भी कहना था, ‘सरकार द्वारा उनकी जायज मांगों की घोर उपेक्षा और पिछले तीन वर्षों में कई दौर की बातचीत के बाद भी इन चिंताओं के समाधान नहीं होने से निराश, ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (एलएबी) और अन्य जन संगठनों ने 15 दिनों तक शांतिपूर्ण भूख हड़ताल की। सार्थक बातचीत करने के बजाय, केंद्र सरकार ने भूख हड़ताल कर रहे लोगों की जबरन गिरफ्तारी का रास्ता चुना, जिससे व्यापक विरोध और अशांति फैल गई।’