NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने कमल कालरा से जुड़े एक मामले में 1.34 करोड़ रुपये की आपराधिक आय उपयुक्त दावेदार आईडीबीआई बैंक को वापस कर दी है। ईडी ने बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की थी। यह एफआईआर विभिन्न फर्मों और कंपनियों के 59 चालू खाताधारकों के साथ-साथ अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गयी थी।
ईडी की जांच से पता चला है कि हांगकांग (एसएआर, चीन) और दुबई स्थित कई कंपनियों को भारी रकम भेजी गयी थी। ये लेनदेन हवाला ऑपरेटरों और व्यापारियों की मिलीभगत से अग्रिम आयात भुगतान और सॉफ्टवेयर आयात के लिए धन प्रेषण की आड़ में किये गये थे। इस मामले में कोई आयात नहीं हुआ और आरोपियों ने बैंक को फर्जी दस्तावेज सौंपे। जांच के दौरान, ईडी ने विभिन्न आरोपी व्यक्तियों से संबंधित 69 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करते हुए सात कुर्की आदेश जारी किए। ईडी ने विशेष न्यायालय के समक्ष पांच अभियोजन शिकायतें भी दर्ज कीं। तेईस अगस्त, 2025 को, पीएमएलए के नियम के अनुसार अपराध की आय को वास्तविक दावेदारों और पीड़ितों को राशि देने के लिए ईडी ने वैध दावेदार आईडीबीआई बैंक लिमिटेड को संलग्न संपत्ति सौंपने के लिये अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। ईडी की अर्जी के आधार पर सत्र न्यायाधीश ने एजेंसी को आईडीबीआई बैंक लिमिटेड को संलग्न अचल संपत्तियों को सौंपने का आदेश दिया।

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