मीडिया रिपोर्टों का अमेरिकी दूतावास ने किया खंडन, बताया— अनुबंध केवल रखरखाव और पुर्जों से संबंधित
NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। अमेरिका ने पाकिस्तान को नई मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली उन्नत मिसाइलें देने संबंधी खबरों का सख्त खंडन किया है। भारत में स्थित अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को जारी अपने आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा कि अमेरिका की ऐसी कोई योजना नहीं है कि वह पाकिस्तान को नई या उन्नत मिसाइलें उपलब्ध कराए। दूतावास ने स्पष्ट किया कि 30 सितम्बर 2025 को जिस रक्षा अनुबंध का उल्लेख मीडिया रिपोर्टों में किया गया है, वह केवल रखरखाव और पुर्जों से संबंधित है, न कि किसी प्रकार की मिसाइल आपूर्ति से।
दूतावास के अनुसार, “30 सितम्बर 2025 को युद्ध विभाग द्वारा जारी मानक अनुबंध घोषणाओं की सूची में पाकिस्तान सहित कई देशों के लिए मौजूदा विदेशी सैन्य बिक्री अनुबंध में रखरखाव और पुर्जों से संबंधित संशोधन का उल्लेख किया गया था। इस अनुबंध में कहीं भी पाकिस्तान को नई उन्नत मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (एएमआरएएएम) देने की बात नहीं की गई है।” बयान में आगे कहा गया, “इस संशोधन में पाकिस्तान की किसी मौजूदा क्षमता के उन्नयन का भी कोई प्रावधान नहीं है। युद्ध विभाग ने इस विषय पर उत्पन्न हुई गलतफहमी को दूर कर दिया है।”
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय पर आया है जब हाल के दिनों में कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों में सुधार के संकेतों के बीच, अमेरिका इस्लामाबाद को एआईएम-120 एडवांस्ड मीडियम रेंज एयर-टू-एयर मिसाइलें (एएमआरएएएम) देने पर विचार कर रहा है। इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा अधिसूचित एक हथियार अनुबंध में 35 देशों के खरीदारों की सूची में पाकिस्तान का नाम भी शामिल किया गया है।
हालांकि, अमेरिकी दूतावास ने अब इन सभी दावों को असत्य बताते हुए कहा है कि उक्त अनुबंध केवल रखरखाव और तकनीकी पुर्जों की आपूर्ति से संबंधित है, न कि किसी नई मिसाइल प्रणाली से।
दूतावास के इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद पाकिस्तान को लेकर फैली तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की यह स्पष्टता दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने के दृष्टिकोण से भी महत्त्वपूर्ण है।
अमेरिकी दूतावास ने दोहराया कि अमेरिका अपने रक्षा अनुबंधों को लेकर पूर्ण पारदर्शिता बरतता है और किसी भी देश के साथ हथियार आपूर्ति के निर्णयों में अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और क्षेत्रीय स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
इस स्पष्टीकरण के साथ ही स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका पाकिस्तान को नई मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें नहीं देगा, और जो अनुबंध चर्चा में था, वह केवल रखरखाव और पुर्जों की आपूर्ति तक सीमित है।
