NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम ने करवट ली है। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई। पूरी ऊंचाई वाला मंदिर परिसर बर्फ की मोटी सफेद चादर से ढक गया। तापमान माइनस 6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया।
चमोली की ही ऊंचाई वाली शेषनेत्र झील पूरी तरह जम गई है। वहीं पिथौरागढ़ जिले के 14,500 फीट पर स्थित आदि कैलाश क्षेत्र में भी भारी बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे ओम पर्वत सहित सभी पवित्र झीलें जम गईं। बर्फ से ढके मनोरम दृश्य देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक पहुंच रहे हैं। इधर, राजस्थान में लगातार सता रही कड़ाके की ठंड को एक सप्ताह बाद ब्रेक लगा है।
शुक्रवार को अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया, जिससे कई जगहों पर पारा सिंगल डिजिट से डबल डिजिट में पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो सप्ताह तक तापमान में कोई बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है।
हालांकि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण सुबह-शाम घना स्मॉग छा रहा है, जिससे दिन की धूप कमजोर पड़ गई है। वहीं मध्य प्रदेश में ठंड ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। पिछले दो दिनों में कड़ाके की सर्दी से दो लोगों की मौत हो चुकी है।
शुक्रवार को भोपाल, इंदौर सहित सात जिलों में शीतलहर चल रही है। पचमढ़ी में इस सीजन का सबसे कम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नर्मदापुरम में विजिबिलिटी मात्र 500 मीटर रह गई।
एक नई अंतरराष्ट्रीय स्टडी में खुलासा हुआ है कि पिछले दशक (2015-2024) में भारत का औसत तापमान लगभग 0.9 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है।
इसके कारण हीट वेव की घटनाएं बढ़ी हैं और हर दशक में गर्म दिनों की संख्या में 5 से 10 दिन का इजाफा हो रहा है। 1950 के बाद से सबसे गर्म दिन का तापमान पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी भारत में 1.5 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। यह रिपोर्ट भारत, नॉर्वे और नेपाल के जलवायु विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने तैयार की है।

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