NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थियों के उपचार के दौरान अनेक निजी अस्पतालों की ओर से मंहगे पैकेज के जरिए अनुचित लाभ उठाये जाने और फर्जी बिल दिये जाने का मामला बुधवार को लोक सभा में उठाया गया और सरकार से इसका दुरुपयोग रोकने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की गयी।
भारतीय जनता पार्टी के दर्शन सिंह चौधरी ने शून्य काल के दौरान कहा कि अनेक निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत आये मरीजों के उपचार में मंहगे पैकेज दिखाकर उनके कार्ड की पांच लाख रुपये की पूरी राशि खर्च कर देते हैं, जिससे उन्हें और उनके अन्य परिजनों को आगे उपचार के लिए योजना की कोई राशि नहीं बचती। इससे आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है।
श्री चौधरी ने कहा कि कई अस्पताल फर्जी बिल बनाकर इस योजना के तहत स्वीकृत राशि हड़प लेते हैं। इसके अलावा कई अस्पताल कार्ड धारकों का उपचार न करके मरीजों को दूसरे मंहगे अस्पतालों में जाने को मजबूर करते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना तो बहुत अच्छी है, गरीब और वंचित लोगों को इससे बड़ा लाभ भी रहा है लेकिन इसके दुरुपयोग को रोकना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने मांग की कि इस योजना के क्रियान्वयन पर निगरानी रखने के लिए एक तंत्र विकसित करने के साथ ही फर्जी बिलों पर रोक लगाने के उपाय किये जायें।