NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. karkas। वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार शनिवार देर रात उप राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने तत्काल प्रभाव से कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाल लिया है। यह आदेश अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के बाद आया। सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश कैरिस्लिया रोड्रिग्ज ने सरकारी टीवी चैनल वीटीवी पर प्रसारित एक बयान में कहा था, “राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण से उत्पन्न असाधारण स्थिति को देखते हुए यह आदेश दिया जाता है कि गणतंत्र की कार्यकारी उपराष्ट्रपति कार्यवाहक क्षमता में राष्ट्रपति पद की सभी शक्तियों, कर्तव्यों और कार्यों को संभालें। यह निर्णय प्रशासनिक निरंतरता और राष्ट्र की व्यापक रक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।”
वेनेजुएला का संविधान अनुच्छेद 233 और 234 के तहत ऐसी स्थितियों का प्रावधान करता है, जो राष्ट्रपति की अस्थायी या पूर्ण अनुपस्थिति की स्थिति में उपराष्ट्रपति को पदभार संभालने की अनुमति देते हैं।
श्री मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में लिए जाने के कुछ ही घंटों बाद, जस्टिस रोड्रिग्ज ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय रक्षा परिषद के सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने मादुरो दंपति की ‘तत्काल रिहाई’ की मांग की और अमेरिकी ऑपरेशन की निंदा करते हुए इसे ‘अंतरराष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला की संप्रभुता का खुला उल्लंघन’ बताया।
जस्टिस रोड्रिग्ज ने इस बात पर जोर दिया कि श्री मादुरो ही वेनेजुएला के एकमात्र वैध राष्ट्रपति हैं। उन्होंने वेनेजुएला के लोगों से इस ऑपरेशन का विरोध करने का आग्रह किया और मध्य अमेरिकी देशों की सरकारों से इसकी निंदा करने की अपील की।
सुप्रीम कोर्ट ने वेनेजुएला के लोगों और क्षेत्र के खिलाफ अमेरिका द्वारा किए गए गंभीर सैन्य हमले और श्री मादुरो और उनकी पत्नी के अपहरण की कड़ी निंदा की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई वेनेजुएला के संविधान, अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है, जिसका उद्देश्य वेनेजुएला के रणनीतिक संसाधनों पर कब्जा करना है।
उल्लेखनीय है कि श्री मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को शनिवार सुबह वेनेजुएला के खिलाफ एक बड़े अमेरिकी सैन्य अभियान में पकड़ लिया गया था। इसी बीच अमेरिकी स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, श्री मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क में एक सैन्य अड्डे पर पहुंचा दिया गया है।
दूसरी ओर रविवार को अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने वेनेजुएला के खिलाफ चलाए गए अमेरिकी अभियान को ‘युद्ध की कार्रवाई’ और ‘अंतरराष्ट्रीय एवं संघीय कानून का उल्लंघन’ बताया।
श्री ममदानी ने कहा कि सत्ता परिवर्तन की यह खुलेआम कोशिश न केवल विदेशों में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को प्रभावित करती है, बल्कि इसका सीधा असर न्यूयॉर्क निवासियों पर भी पड़ता है, जिनमें वेनेजुएला के हजारों नागरिक भी शामिल हैं ।
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने शनिवार को घोषणा की कि वह वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी अभियान पर सोमवार को एक आपातकालीन बैठक आयोजित करेगी।

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