NCR TODAY. Khabariya. Ghaziabad। मोरटा गांव में प्रस्तावित हाउसिंग परियोजना को लेकर विवाद सामने आया है। केडब्ल्यू बिल्डकॉन कंपनी ने बिल्डर फर्म और उसके साझेदारों पर डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी, मूल दस्तावेज हड़पने, समझौते के उल्लंघन और भूमि को अवैध रूप से बेचने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। नोएडा सेक्टर-63 स्थित केडब्ल्यू बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रतिनिधि अंकित तोमर ने डीसीपी सिटी से शिकायत की है कि दो मार्च 2013 को मोरटा गांव की जमीन पर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए केडब्ल्यू बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड और पंजीकृत साझेदारी फर्म मैसर्स एसएस बिल्डर्स यूनिट के बीच एग्रीमेंट हुआ था।
अंकित तोमर के मुताबिक आरोपियों के आश्वासन पर भरोसा कर उनकी कंपनी ने डेढ़ करोड़ रुपये दे दिए। यह राशि विशेष रूप से भूमि विकास और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए दी गई थी। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपियों ने तो जमीन का भू-उपयोग परिवर्तित कराया, न साझेदारी संशोधित की, न कंपनी को साझेदार बनाया और न ही प्रोजेक्ट पर कोई ठोस कार्य किया। इतना ही नहीं, वर्ष 2015-16 में रूपांतरण और म्यूटेशन के नाम पर उनकी कंपनी से मूल बैनामा अपने पास रखवा लिए। ये दस्तावेज भी आज तक वापस नहीं किए गए।
एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य का कहना है कि शिकायतकर्ता ने मैसर्स एसएस बिल्डर्स के इंदर कुमार मक्कड़, वरूण मक्कड़, जगदीश मक्कड़, धीरज मक्कड़, अनंत कौशिक, नेहा शर्मा उर्फ नेहा कौशिक, पुष्पा कौशिक और अनुराग कौशिक को आरोपी बनाया है। तथ्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अवैध रूप से भूमि बेचने की साजिश का आरोप

शिकायतकर्ता का कहना है कि फर्म के प्रमुख साझेदार सुधीर कुमार कौशिक और हरि मोहन शर्मा की मौत के बाद बाकी साझेदारों और उनके विधिक प्रतिनिधियों ने जानबूझकर सहयोग बंद कर दिया। आरोप है कि मूल बैनामा अवैध रूप से रोके गए और इनका इस्तेमाल कर भूमि बेचने की साजिश की जा रही है। 21 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने विवादित भूमि को तीसरे पक्ष को बेचने का प्रयास किया। इसकी जानकारी मिलते ही उनकी कंपनी ने 27 दिसंबर 2025 को नोटिस भेजा, इसके बावजूद आरोपियों द्वारा जमीन बेचने का प्रयास जारी है।

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