NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। जेलों में बंद लाखों विचाराधीन कैदियों को मतदान का अधिकार देने की शुक्रवार को राज्यसभा में मांग की गयी। भारतीय जनता पार्टी के इरन्ना कडाड़ी ने सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि अभी देश की जेलों में लाखों की संख्या में विचाराधीन कैदी बंद हैं। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि देश में जेल से चुनाव लड़ने पर रोक नहीं है लेकिन विचाराधीन कैदी को मत डालने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि संपन्न व्यक्ति जुर्माने का भुगतान कर जमानत हासिल कर लेता है लेकिन छोटे-मोटे अपराधों में जेल में बंद हजारों गरीब विचाराधीन कैदी पैसा नहीं होने के कारण जमानत राशि नहीं दे पाते और इसलिए मतदान से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने सरकार से जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन की मांग करते हुए विचाराधीन कैदियों को मताधिकार देने की मांग की।
भाजपा के भगवत कराड़ ने महाराष्ट्र में सह्याद्री पवर्तमाला से बहने वाले पानी को वैज्ञानिक तरीके से गोदावरी नदी बेसिन में ले जाये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के मराठवाड़ा क्षेत्र में किसानों को पानी मिलेगा और भूजल स्तर भी उपर आयेगा।
भाजपा के ही मिथिलेष कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी सेवा जिला अस्पताल से चलाई जा रही है जिससे अस्पताल का काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इस अस्पताल का निर्माण कार्य जल्द शुरू किये जाने की मांग की।
भाजपा के के लक्ष्मण ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के विस्तार की मांग की ।
तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने सभी क्षेत्रों में कार्य करने वाले कामगारों के लिए सार्वभौमिक न्यूनतम वेतन की गारंटी के लिए ‘यूनिवर्सल मिनिमम एनुअल गारंटी ‘ उमंग शुरू करने का सुझाव दिया।
समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में उच्च न्यायालय की खंडपीठ के परिसर में बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के विरोध के कारण यह प्रतिमा नहीं लगाई जा रही।
कांग्रेस के नीरज डांगी ने कोविड से पहले पत्रकारों को रेल यात्रा में दी जाने वाली रियायतें बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपने कार्य के कारण और लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए कई बार दूरदराज के क्षेत्रों की यात्रा करनी होती है। उन्होंने कहा कि यह कोई विशेषाधिकार नहीं है लेकिन कर्तव्यों के निर्वहन में सुविधा के रूप में लंबे समय से दी जा रही सुविधा थी। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे पत्रकार विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। इससे पत्रकारों की कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है।
JAMMU, FEB 13 (UNI): Jammu & Kashmir People Conference MLA Sajad Gani Lone speaks during the ongoing Budget Session of the Jammu and Kashmir Legislative Assembly, in Jammu on Friday. UNI Photo 9U