NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम के दौरे पर रहेंगे जहाँ वह पूर्वोत्तर की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर एक हवाई प्रदर्शन देखेंगे और 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री का सुबह करीब 10:30 बजे डिब्रूगढ़ में मोरान बाईपास पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा पर उतरने का कार्यक्रम है, जहाँ वह लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन देखेंगे।

बुनियादी ढांचा प्राकृतिक आपदाओं और रणनीतिक आवश्यकताओं के दौरान बचाव और राहत कार्यों को तेज गति से सक्षम करेगा

यह ईएलएफ पूर्वोत्तर में अपनी तरह की पहली सुविधा है और इसे भारतीय वायु सेना के समन्वय में आपात स्थिति के दौरान सैन्य और नागरिक दोनों विमानों की लैंडिंग और उड़ान का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
विज्ञप्ति में ईएलएफ को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति बताते हुए कहा गया है कि यह दोहरे उपयोग वाला बुनियादी ढांचा प्राकृतिक आपदाओं और रणनीतिक आवश्यकताओं के दौरान बचाव और राहत कार्यों को तेज गति से सक्षम करेगा। यह सुविधा 40 टन तक के लड़ाकू विमानों और 74 टन के अधिकतम उड़ान भार वाले परिवहन विमानों को संभालने में सक्षम है।
प्रधानमंत्री दोपहर एक बजे ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का दौरा करेंगे। छह लेन वाला यह ‘एक्स्ट्राडोज्ड प्रेस्ट्रेस्ड कंक्रीट पुल’ गुवाहाटी को उत्तर गुवाहाटी से जोड़ता है और पूर्वोत्तर का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है। इस पुल से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग सात मिनट होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि एक्सट्राडोज्ड पुल, बीम पुल और केबल-स्टे पुल दोनों की तकनीक का मिश्रण होता है। क्षेत्र की उच्च भूकंपीय गतिविधि को देखते हुए, इसमें ‘फ्रिक्शन पेंडुलम बियरिंग्स’ का उपयोग करते हुए ‘बेस आइसोलेशन तकनीक’ को शामिल किया गया है। टिकाऊपन बढ़ाने के लिए उच्च प्रदर्शन वाले ‘स्टे केबल्स’ का उपयोग किया गया है, और वास्तविक समय में स्थिति की निगरानी और क्षति का जल्द पता लगाने के लिए एक ‘ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम’ स्थापित किया गया है।

8.5 मेगावाट के स्वीकृत भार और 10 किलोवाट प्रति रैक की औसत रैक क्षमता वाला यह अत्याधुनिक डेटा

दोपहर करीब 1:30 बजे, प्रधानमंत्री गुवाहाटी के लाचित घाट पर विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ करेंगे। इनमें कामरूप जिले के अमीनगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए ‘राष्ट्रीय डेटा केंद्र’ शामिल है। 8.5 मेगावाट के स्वीकृत भार और 10 किलोवाट प्रति रैक की औसत रैक क्षमता वाला यह अत्याधुनिक डेटा केंद्र सरकारी विभागों के जटिल अनुप्रयोगों की मेजबानी करेगा और अन्य राष्ट्रीय डेटा केंद्रों के लिए एक आपदा रिकवरी केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
यह केंद्र डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप पूर्वोत्तर की सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) ढ़ांचे को मजबूत करने और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के लिए सुरक्षित एवं विश्वसनीय डिजिटल बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रेरित है।
प्रधानमंत्री गुवाहाटी में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में उच्च और प्रबंधन शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत चार शहरों में 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें गुवाहाटी (100 बसें), नागपुर (50), भावनगर (50) और चंडीगढ़ (25) के लिए बसें शामिल हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार, इन शहरों में ई-बस संचालन शुरू होने से 50 लाख से अधिक नागरिकों को स्वच्छ, सस्ती और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे शहरी आवाजाही और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।

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