NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज देश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन में शांतिपूर्ण विरोध करना सबसे बड़ा अपराध बना गया है।
श्री गांधी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को ऐसी दिशा में धकेला जा रहा है, जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साज़िश बताया जाता है।
श्री गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यदि कोई नागरिक संवैधानिक तरीके से सत्ता के खिलाफ आवाज़ उठाता है, तो उसके हिस्से में लाठीचार्ज, मुकदमे और जेल ही आते हैं। उन्होंने विभिन्न आंदोलनों का हवाला देते हुए कहा कि पेपर लीक से परेशान युवाओं के विरोध का जवाब लाठियों से दिया गया।
महिला पहलवानों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करने वाली खिलाड़ियों की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया गया और उनके आंदोलन को कुचल दिया गया। इसी तरह, एक दुष्कर्म पीड़िता के समर्थन में इंडिया गेट पर हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन को भी हटाया गया। युवा कांग्रेस द्वारा अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील के विरोध का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को “देश विरोधी” बताकर गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि जहरीली हवा के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को और किसानों के आंदोलन को भी दमन का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि जब आदिवासी समुदाय अपने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की मांग करता है, तो उस पर भी संदेह की दृष्टि डाली जाती है। उन्होंने सवाल किया, “यह कैसा लोकतंत्र है, जहां प्रधानमंत्री सवालों से डरते हैं और असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है?”
श्री गांधी ने कहा, “शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की आत्मा है। सवाल पूछना उसकी ताकत है। लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब सरकार आलोचना सुनती है, जवाब देती है और जवाबदेह रहती है। मोदी जी, ये नॉर्थ कोरिया (उत्तर कोरिया) नहीं, भारत है।”

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