NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को सशस्त्र बलों का मनोबल बढाते हुए सुबह जैसलमेर वायु सेना स्टेशन से स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में ऐतिहासिक उड़ान भरकर इतिहास रचा। राष्ट्रपति की इस उडान ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण का भी संदेश दिया। वह 2023 में लड़ाकू विमान सुखोई और 2025 में राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं। इस उड़ान से शुक्रवार का दिन भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया।
श्रीमती मुर्मु की यह उड़ान एक मिशन का हिस्सा थी और इसमें वह ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ के साथ कॉकपिट में सह पायलट की भूमिका में नजर आई। ऐसा करने वाली वह देश की पहली राष्ट्रपति हैं। इस मिशन में दो हेलिकॉप्टर शामिल थे जिनमें से दूसरे हेलिकॉप्टर में स्वयं वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ग्रुप कैप्टन ए महेंद्र के साथ सवार थे। लगभग 25 मिनट के इस मिशन के दौरान हेलिकॉप्टरों ने गडिसर झील और जैसलमेर किले के ऊपर से उड़ान भरी तथा हेलिकॉप्टर ने एक टैंक को लक्ष्य बनाकर हमला किया। राष्ट्रपति ने हेलीकॉप्टर की कॉकपिट से सैनिकों को सलामी भी दी।
राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव भी साझा करते हुए लिखा, ” प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का एक प्रबल प्रतीक है। इस समय मैं प्रसिद्ध जैसलमेर किले के ऊपर उड़ान भर रही हूँ। मुझे देश के वीर वायु सैनिकों पर अत्यंत गर्व है”।
आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखकर भी अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “भारत के स्वदेशी रूप से विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरना मेरे लिए एक समृद्ध अनुभव रहा है। इस उड़ान ने मुझे राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं पर नए सिरे से गर्व का अनुभव कराया है। मैं भारतीय वायु सेना और वायु सेना स्टेशन जैसलमेर की पूरी टीम को इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए बधाई देती हूं।”
श्रीमती मुर्मु सुबह करीब सवा नौ बजे बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची थी जहां एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह, वायु सेना की दक्षिणी पश्चिमी कमान के एयर आफिसर कमांडिंग- इन-चीफ एयर मार्शल तेजेन्द्र सिंह और जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन के कमांडर ग्रुप कैप्टन अमित दुबे सहित वरिष्ठ वायुसेना अधिकारियों ने उनकी अगवानी की। वायुसेना के अधिकारियों ने उनके साथ हेलिकॉप्टर की तकनीकी विशेषताओं, उड़ान मार्ग, सुरक्षा प्रोटोकॉल और मिशन की रूपरेखा की जानकारी साझा की। राष्ट्रपति ने 10 बजकर 15 मिनट पर प्रचंड में उड़ान भरी।
वायु सेना आज शाम पाकिस्तान से सटी सीमा पर पोखरण फायरिंग रेंज में वायु शक्ति अभ्यास कर रही है। इस अवसर पर श्रीमती मुर्मु भी मौजूद रहेगी।
हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर एलसीएच ‘प्रचंड’ देश में ही रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा बनाया गया है।
The President of India, Smt Droupadi Murmu undertook a sortie in the indigenous Light Combat Helicopter PRACHAND at Air Force Station Jaisalmer, in Rajasthan on February 27, 2026.