NCR TODAY. Khabariya. Webvarta. kathmandu। नेपाल में पूर्व डिप्टी प्रधानमंत्री रवि लामिछाने और जेन जी आंदोलन से चर्चित हुए बालेंद्र शाह (बालेन) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) भारी बहुमत की तरफ बढ़ती दिख रही है।
नेपाल चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार जिन 165 सीटों पर चुनाव हुए हैं उनमें से अब तक 150 संसदीय क्षेत्र के नतीजे एवं रुझान सामने आये हैं, इनमें से आरएसपी 106 सीटों पर वह आगे चल रही है और दो सीटें जीत चुकी है।
नेपाली कांग्रेस पार्टी 9 सीटों पर आगे चल रही है और दो सीट जीत चुकी है। इसके अलावा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी) 10 सीटों पर आगे चल रही है जबकि नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी 7 सीटों पर आगे चल रही है और एक सीट जीत चुकी है।
झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से आमने-सामने की लड़ाई में आरएसपी नेता श्री बालेन बाजी मारते दिख रहे हैं। उन्होंने सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली पर करीब छह हजार की बढ़त बना रखी है। शाम छह बजे तक श्री बालेन को 10190 वोट मिले थे, जबकि श्री ओली को 4,087 वोट मिले थे।
श्री बालेन ने जनवरी 2026 में काठमांडु के महापौर पद से इस्तीफा देकर श्री ओली के खिलाफ मोर्चा खोला था। नेपाल में किसी को भी चुनाव लड़ने के लिए अपने पद से इस्तीफा देना होता है और कोई भी व्यक्ति दो जगह से चुनाव नहीं लड़ सकता है।
आरएसपी नेता रवि लामिछाने चितवन-2 से 10,000 से अधिक वोटों की विशाल बढ़त के साथ जीत के करीब हैं।
वहीं नेपाली कांग्रेस के नेता में गगन थापा सर्लाही-4 से फिलहाल दूसरे स्थान पर हैं। वहां आरएसपी उम्मीदवार अमरेश कुमार सिंह ने शुरुआती बढ़त बना रखी है।
रौतहट-1 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता माधव कुमार नेपाल पांचवें स्थान पर खिसक गये हैं, यहां भी आरएसपी पहले स्थान पर है।
गौरतलब है कि सितंबर में हुए जेन-जी आंदोलन के बाद संसद के निचले सदन के सदस्यों के चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था।
नेपाल की प्रतिनिधि सभा में वैसे तो कुल 275 सीटें होती हैं, लेकिन प्रत्यक्ष चुनाव सिर्फ 165 सीटों के लिए होता है। प्रत्यक्ष चुनाव को ‘फर्स्ट पास्ट द पोस्ट’ सिस्टम कहते हैं। इन 165 निर्वाचन क्षेत्रों में जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वह जीत जाता है।
इसके बाद 110 सीट का चुनाव समानुपातिक प्रतिनिधित्व के जरिये होता है। इसमें पार्टी को कुल जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी अनुपात में ये 110 सीटें बाँटी जाती हैं। गौरलख्ब है कि नेपाल में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को 138 सीटों (275 का आधा) की आवश्यकता होती है।

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