10 लाख की सुपारी देकर पूर्व पार्टनर ने कराई थी हत्या

Mahesh Sharma. Khabariya. Bijnor। दो दिन पहले ही डॉक्टर राजकुमार की उनके क्लिनिक में ही हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने बताया कि इनमें हत्या की सुपारी देने वाला डॉक्टर का पूर्व पार्टनर, गोली चलाने वाला आरोपी और तमंचा उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति शामिल है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मृतक डॉक्टर का पूर्व पार्टनर भी पेश से डॉक्टर है।
उसी ने 10 लाख की सुपारी देकर डॉक्टर की हत्या कराई। दोनों ने मिलकर पहले सुमित्रा नाम से अस्पताल खोला था, लेकिन लोन के रुपए को लेकर विवाद के बाद दोनों अलग हो गए थे। इसके बाद डॉ राजकुमार ने अपना खुद का शिवालय नाम से अस्पताल खोल लिया था।
बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया। 6 महीने पहले मर्डर की प्लानिंग बनाकर डाक्टर द्वारा एडवांस दो लाख रुपए दिए गए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। मामला नगीना थाना क्षेत्र का है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे नगीना के धामपुर रोड स्थित शिवालय हेल्थ केयर अस्पताल में हत्या हुई थी। गाजियाबाद के नंदग्राम निवासी 38 साल के अस्पताल संचालक डॉ. राजकुमार अपने केबिन में मरीजों को देख रहे थे।

डाक्टर की हत्या का तीसरे दिन खुलासा

इसी दौरान एक आरोपी पैथोलॉजी रिपोर्ट दिखाने के बहाने अंदर घुसा और तमंचे से गोली मारकर डॉ. राजकुमार की हत्या कर मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। परिजनों से पूछताछ, सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। शनिवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी धामपुर के तिबड़ी निवासी डॉ. नीरज, आरोपी विकास उर्फ छोटू और मधी निवासी आर्यन उर्फ राजन को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि डॉक्टर राजकुमार की पूर्व पार्टनर डॉ. नीरज ने ही सुपारी देकर हत्या कराई थी।

आरोपी विकास उर्फ छोटू ने 2018 में साथ काम करते थे

आरोपी विकास उर्फ छोटू ने बताया साल 2018 में गाजियाबाद स्थित यथार्थ हॉस्पिटल में डॉ. नीरज (फिजिशियन) और डॉ. राजकुमार (पीडियाट्रिशियन) एक साथ काम करते थे। आपस में मित्र भी थे। वर्ष 2022 में दोनों ने मिलकर नगीना-धामपुर रोड पर सुमित्रा हॉस्पिटल खोला। हालांकि, आपसी मनमुटाव के चलते वर्ष 2023 में डॉ. राजकुमार बिना पूरा हिसाब-किताब किए अलग हो गए थे। इसी आर्थिक विवाद के कारण डॉ. नीरज ने डॉ. राजकुमार की हत्या की साजिश रची। अलग होने के बाद डॉ. राजकुमार ने जनवरी 2024 में “शिवालय हेल्थ केयर सेंटर” नाम से नगीना में ही अपना अलग अस्पताल शुरू कर दिया। इसके बाद सुमित्रा हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों की संख्या कम हो गई और दोनों के बीच विवाद व तनाव बढ़ गया। इसी रंजिश के चलते डॉ. नीरज ने डॉ. राजकुमार की हत्या की योजना बनाई।
पूछताछ में विकास उर्फ छोटू ने बताया कि वह डॉ. नीरज के गांव का रहने वाला है। स
ुमित्रा हॉस्पिटल खुलने के बाद से उनकी गाड़ी चलाता था। डॉ. राजकुमार की हत्या के लिए उसे 10 लाख रुपये देने तय किए गए थे, जिसमें से करीब 2.20 लाख रुपये उसे एडवासं मिल चुके थे। विकास उर्फ छोटू ने घटना को अंजाम देने के लिए तमंचा राजन से लिया था।

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