Ncr Today. Khabariya. New Delhi। ऑनलाइन बुकिंग के बढ़ने के बावजूद रसोई गैस वितरण एजेन्सियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनों को देखते हुए सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन माध्यम से ही एलपीजी सिलेंडर बुक करायें और आवश्यक होने पर ही वितरकों के पास जायें।
पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर सरकार ने रविवार को एक बार फिर दोहराया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति के प्रभावित होने के घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की सुचारु और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर आवश्यक कदम उठा रहा है और फिलहाल देश में इनका पर्याप्त भंडार है।

जरूरत पड़ने पर ही जायें वितरक के पास

मंत्रालय ने कहा है कि एलपीजी वितरकों के पास गैस समाप्त होने की कोई सूचना नहीं है और ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई है। शनिवार को 51 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।
डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी में 53 प्रतिशत से बढ़कर शनिवार को 90 प्रतिशत हो गई है ताकि हेराफेरी को रोका जा सके। प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को शनिवार को 5 किलोग्राम के 90,000 से अधिक सिलेंडर बेचे गए।
देश में पीएनजी विस्तार तेज़ी से बढ़ रहा है और मार्च से 3.6 लाख कनेक्शन को गैस आपूर्ति शुरू की गयी है और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण हुए हैं।
पश्चिम एशिया में फंसे सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई।
विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में विकसित हो रही स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और 28 फरवरी से अब तक 7 लाख दो हजार से अधिक भारतीय स्वदेश लौटे हैं।
सरकार ने कहा है कि वह पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और घबराहट में खरीदारी तथा अनावश्यक बुकिंग से बचें।
एलपीजी की जमाखोरी और काला बाज़ारी की जांच के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। मार्च से अब तक राज्यों और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की संयुक्त टीमों द्वारा 50,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
कंपनियों के अधिकारियों को अचानक निरीक्षण की प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जमाखोरी और काला बाज़ारी की किसी भी घटना को रोका जा सके। अब तक एलपीजी वितरकों को 1400 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा, अब तक 36 एलपीजी वितरकों को निलंबित किया जा चुका है। उपभोक्ताओं को डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन के लिए 100 प्रतिशत आपूर्ति के साथ प्राथमिकता दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *