Ncr Today. Khabariya. Dehradun। पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जायेगा।
श्री खंडूरी लंबे समय से वृद्धावस्था जनित रोगों से ग्रस्त थे। उनका यहां मैक्स हॉस्पिटल में उपचार किया जा रहा था, जहां उन्होंने आज अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। राज्य सरकार ने श्री खंडूरी के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। कल उनके अंतिम संस्कार पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
श्री खंडूरी दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। वह पहली बार 2007 में और फिर 2011 में मुख्यमंत्री बने थे । वह पांच बार लोकसभा के लिये चुने गये थे और केन्द्र की वाजपेयी सरकार में मंत्री भी रहे।
वर्ष 1990 में वह सेना की इंजीनियर कोर से मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद 1991 में वह भाजपा के टिकट पर पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र से चुना लड़े थे।
श्री खंडूरी का जन्म एक अक्टूबर 1934 को हुआ था। उन्होंने 1954 से 1991 तक भारतीय सेना की ‘इंजीनियर्स कोर’ में अपनी सेवाएं दीं और मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए।
सेना में उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया था। उन्होंने सेना में रहते हुए देश के लिए तीन जंग लड़ी। उनका राजनीतिक जीवन सादगी, पारदर्शिता, ईमानदारी और सुशासन के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।
उन्होंने केन्द्र में मंत्री रहते हुये गोल्डन क्वाड्रिलेटरल एवं राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना को गति देकर देश की सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।