Ncr Today. Khabariya. Webvarta. Washington।अमेरिका के राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस के निकट रविवार को एक सुरक्षा जांच चौकी की ओर बढ़कर गोलीबारी करने वाले एक व्यक्ति को सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गयी। घटना में एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया।
सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता के अनुसार शनिवार शाम करीब छह बजे एक व्यक्ति व्हाइट हाउस परिसर के बाहर स्थित सुरक्षा जांच चौकी के पास पहुंचा और अधिकारियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाकर्मियों ने भी गोली चलाई, जिसमें संदिग्ध घायल हो गया। बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गयी।
प्रवक्ता ने बताया कि गोलीबारी के दौरान एक राहगीर भी गोली लगने से घायल हो गया। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसे संदिग्ध की गोली लगी या जवाबी गोलीबारी के दौरान वह घायल हुआ।
घटना में सीक्रेट सर्विस का कोई भी अधिकारी घायल नहीं हुआ। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस समय व्हाइट हाउस में मौजूद थे और सुरक्षित रहे। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति को घटना की जानकारी दे दी गयी है।
कानून विभाग के अधिकारियों के अनुसार घायल राहगीर की हालत गंभीर बनी हुई है।
यह घटना व्हाइट हाउस संवाददाता रात्रिभोज के एक महीने से भी कम समय बाद हुई है, जब गोली चलने की आवाज सुनकर पत्रकारों और ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों को सुरक्षा के लिए टेबलों की आड़ लेनी पड़ी थी।
श्री ट्रंप ने रविवार तड़के ट्रुथ सोशल पर जारी एक पोस्ट में सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
उन्होंने कहा कि यह घटना भविष्य के राष्ट्रपतियों के लिए वॉशिंगटन में और अधिक सुरक्षित एवं संरक्षित परिसर की आवश्यकता को दर्शाती है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मारे गये संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय नासिरे बेस्ट के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि उसका पहले भी सीक्रेट सर्विस से सामना हो चुका था।
सूत्रों के अनुसार, जून 2025 में उसने व्हाइट हाउस के प्रवेश मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था, और स्वयं को ‘ईश्वर’ बताया था। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण के लिए साइकेट्रिक इंस्टीट्यूट ऑफ वॉशिंगटन भेजा गया था।
जुलाई 2025 में भी उसे व्हाइट हाउस परिसर के एक मार्ग में प्रवेश करने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत ने उसे व्हाइट हाउस परिसर से दूर रहने का आदेश दिया था।
जांच के दौरान अधिकारियों को उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी मिले थे, जिनमें उसने स्वयं को ‘असल ओसामा बिन लादेन’ बताया था तथा श्री ट्रंप को नुकसान पहुंचाने की इच्छा जाहिर की थी। कानून प्रवर्तन अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले उसे कभी हिंसक व्यवहार करते या हथियार का इस्तेमाल करते नहीं देखा गया था।

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