Ncr Today. Khabariya. New Delhi। शुक्रवार को लोकसभा को सूचित किया गया कि 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत 775 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स (एफटीएससी) ने 2025 में 66,500 मामलों का निपटारा किया। जिन मामलों को निपटारा किया गया, उनमें 398 विशेष यौन उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न (ई-पॉक्सो) कोर्ट शामिल हैं। इसके साथ ही कैलेंडर वर्ष के अंत तक 2.45 लाख मामले अभी भी लंबित हैं।
केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि 2024 में एफटीएससी ने 85,595 मामलों का निपटारा किया और 2023 में उन्होंने 76,319 मामलों का निपटारा किया।
उन्होंने कहा कि संबंधित वर्षों में 31 दिसंबर तक इन अदालतों में लंबित मामलों की संख्या 2024 में 2.04 लाख और 2023 में 2.02 लाख थी।
मेघवाल ने कहा कि दुष्कर्म और बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए केंद्रीय प्रायोजित योजना के तहत एफटीएससी (अस्पष्ट न्यायिक आयोग) की स्थापना अक्टूबर 2019 में शुरू की गई थी।
इस योजना को दो बार बढ़ाया जा चुका है, और आखिरी बार इसे 31 मार्च, 2026 तक वैध किया गया था, जिसके तहत 790 एफटीएससी की स्थापना की जानी थी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना को अस्थाई रूप से 30 सितंबर, 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि एफटीएससी योजना के तहत धनराशि केंद्रीय प्रायोजित योजना की तर्ज पर जारी की जाती है, जिसमें प्रत्येक एफटीएससी में एक न्यायिक अधिकारी और सात सहायक कर्मचारियों के वेतन के साथ-साथ दैनिक खर्चों के लिए फ्लेक्सी ग्रांट भी शामिल है।
मेघवाल ने कहा कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से व्यय विवरण प्राप्त होने के बाद धनराशि उन्हें वापस कर दी जाती है। विभाग ने अपनी स्थापना के बाद से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को अदालतों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए 1,259.51 करोड़ रुपए की राशि जारी की है।
उन्होंने केंद्र प्रायोजित योजना के बारे में भी जानकारी दी, जिसके तहत जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों के लिए अवसंरचना सुविधाओं के विकास हेतु राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को 1993-94 से निर्धारित निधि बंटवारे के अनुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस योजना के पांच घटक हैं जिनके लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्र से सहायता दी जाती है – न्यायालय भवन, आवासीय इकाइयां, वकीलों के आवास, शौचालय परिसर और डिजिटल कंप्यूटर कक्ष।
उन्होंने आगे बताया कि वित्त आयोग के पंद्रहवें कार्यकाल के दौरान न्यायपालिका के लिए अवसंरचना सुविधाओं के विकास हेतु केंद्र प्रायोजित योजना के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 4,519.47 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
New Delhi: Union Minister Arjun Ram Meghwal speaks in the Lok Sabha during the monsoon session of Parliament in New Delhi on Monday, July 20, 2026. (Photo: IANS/Sansad TV)