NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। केंद्र सरकार की एक नौटंकी जल्द ही शुरू होने वाल है। चाकरी करने के चक्कर में सरकार के विभाग देश की शिक्षा व्यवस्था के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है। इसी के तहत शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) स्कूली पाठ्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पाठयक्रम में शमिल करने की दिशा में काम कर रही है। NCERT ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक विशेष मॉड्यूल तैयार कर रही है।
देश की हालिया सैन्य रणनीति और वीरता को शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। परिषद कक्षा 3 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक विशेष मॉड्यूल तैयार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा रणनीति और कूटनीतिक प्रतिक्रिया को समझाने के साथ-साथ उनमें देशभक्ति और आत्मबल का भाव पैदा करना है।
यह मॉड्यूल दो भागों में तैयार किया जाएगा पहला मॉड्यूल कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए और दूसरा 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए होगा। इसमें 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में भारतीय सेना द्वारा की गई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस हमले में आतंकियों ने निर्दोष नागरिकों पर हमला किया था, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर लक्ष्यभेदी हमले किए थे।
आतंकवाद पर सख्त जवाब की सीख
हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा NCERT द्वारा स्कूली पाठ्यक्रम में भारत की वीरता की कहानियों को शामिल करना एक सराहनीय कदम है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी घटनाएं, जहां भारत ने आतंकियों को करारा जवाब दिया, विद्यार्थियों को अवश्य पढ़ाई जानी चाहिए। ऐसी घटनाएं केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ये भावी पीढ़ी में देशभक्ति, आत्मबल और रणनीतिक सोच को भी बढ़ावा देती हैं।
महाराष्ट्र के सीएम ने कहा ऐतिहासिक निर्णय
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा, “यह केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक है। अगर इसे बच्चे पढ़ेंगे, तो यह उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व को समझने में मदद करेगा।”
पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी की प्रशंसा
सेना के कई सेवानिवृत्त अधिकारियों ने NCERT के इस कदम को “रणनीतिक शिक्षा का सही शुरुआत” करार दिया है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि युवा पीढ़ी को स्कूल स्तर पर ही देश की सुरक्षा नीतियों और सैन्य योगदान की सही जानकारी दी जाए।
बच्चों के लिए रणनीतिक जागरूकता का मंच
NCERT के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मॉड्यूल में 8–10 पृष्ठ का विवरण होगा, जिसमें आतंकवाद के प्रति भारत के दृष्टिकोण, सैन्य योजना, डिप्लोमैसी और अंतर-मंत्रालयी समन्वय जैसे पहलुओं को रोचक तरीके से समझाया जाएगा। छात्रों को यह भी बताया जाएगा कि कैसे सेना, वायुसेना और नौसेना एक साथ मिलकर सीमाओं की रक्षा करती हैं।