वेबवार्ता. खबरिया न्यूज. एनसीआर टुडे. नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में संपन्न ऑस्ट्रेलिया के संघीय चुनावों में लेबर पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर उप-प्रधानमंत्री मार्ल्स को बधाई दी। दोनों नेताओं ने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर इस सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।

PM attends delegation level talks between India and Paraguay, in New Delhi on June 02, 2025.

बैठक में रक्षा औद्योगिक सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, महत्वपूर्ण खनिजों, और नई तथा उभरती तकनीकों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने इस बात को दोहराया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि के लिए साझा दृष्टिकोण द्विपक्षीय सहयोग का मार्गदर्शन करता रहेगा।
उप-प्रधानमंत्री मार्ल्स ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में ऑस्ट्रेलिया के पूर्ण समर्थन को भी दोहराया।
प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज को इस वर्ष भारत में आयोजित होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स से मिलकर खुशी हुई। भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर हमारे सहयोग को गहराने को लेकर सार्थक चर्चा हुई। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि के लिए साझा दृष्टिकोण हमारी साझेदारी का आधार है।”
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मार्ल्स के साथ हुई बैठक को बेहद उपयोगी और व्यापक बताया। उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा की। द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को सशक्त बनाने में उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और नेतृत्व, हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है।”
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले के प्रति भारत की सख्त प्रतिक्रिया को लेकर ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए निर्विवाद समर्थन के लिए भारत आभारी है।

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