खबरिया न्यूज. एनसीआर टुडे. ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) जेवर में शुरू होने जा रहे ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास जैव विविधता संरक्षण के उद्देश्य से एक बहुउद्देशीय वन्यजीव संरक्षण केंद्र की स्थापना करने जा रहा है। लगभग चार करोड़ रुपए की लागत से दस हेक्टेयर भूमि पर बनने वाले इस केंद्र में वन्यजीवों की चिकित्सा व पोस्टमॉर्टम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।


विभिन्न प्रकार की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किए जा रहे नये यमुना नगर में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए भी योजना बनाई जा रही हैं। जेवर में संचालन के लिए तैयार हो रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ग्रीनफील्ड स्वरूप को बनाए रखने के लिए भी यह तैयारी आवश्यक है। इसके लिए एक आधुनिक और बहुउद्देशीय वन्यजीव संरक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुणवीर सिंह के निर्देश पर यीडा का उद्यान विभाग एनीमल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर को बनायेगा। इसपर लगभग चार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह दस हेक्टेयर भूमि पर सेक्टर 17 में बनेगा। इसमें पांच हेक्टेयर भूमि यीडा की होगी तथा इतनी ही भूमि वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके एक हिस्से में रेस्क्यू करके लाए गए वन्य जीवों की चिकित्सा तथा मृत्यु होने पर उनका पोस्टमॉर्टम भी किया जाएगा। उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन सिंह ने बताया कि प्रस्तावित एनीमल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर का डिजाइन आदि बनकर तैयार है तथा इसे बनाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है।इसे सेंट्रल जू अथॉरिटी से भी मंजूरी मिल चुकी है।माना जा रहा है कि एयरपोर्ट संचालन के साथ इस सेंटर को भी तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू किए गए जानवरों को स्वस्थ होने पर मुर्शदपुर गांव के निकट वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा जाएगा। इससे हवाई अड्डे पर आवारा जानवरों के अचानक आ जाने से उड़ानों के संचालन में आने वाली समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
उल्लेखनीय है कि यह सेंटर उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का पहला ऐसा सेंटर होगा। पिछले दिनों इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अचानक रनवे पर आ गए एक जानवर को यहां के वन विभाग द्वारा रेस्क्यू किया गया था

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