NCR TODAY. Webvarta. Khabariya. Shrinagar।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को इस बात को खारिज किया कि अनुच्छेद 370 को हटाना क्षेत्र में आतंकवाद का समाधान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए पहलगाम हमले ने इस झूठ को पूरी तरह से साबित कर दिया है। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जारी आतंकवाद पाकिस्तान की मंशा का नतीजा है।
उन्होंने इस्लामाबाद को आगाह किया कि भारत अब किसी भी आतंकवादी हमले को युद्ध जैसी कार्रवाई मानता है। अब्दुल्ला ने कहा कि हम चाहे कुछ भी करें, अगर पाकिस्तान की आतंकी गतिविधि जारी रही तो हम कभी भी पूरी तरह से आतंकवाद मुक्त जम्मू-कश्मीर हासिल नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने यह कहानी फैलाने की बहुत कोशिश की कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अनुच्छेद 370 का नतीजा है। हम जानते हैं कि यह सच नहीं है। अब्दुल्ला ने जोर देकर कहा कि सबसे बड़ी चुनौती पाकिस्तान को यह समझाना है कि इस तरह की गतिविधियों को उसका समर्थन हमारे लिए बुरा है, लेकिन यह पाकिस्तान के लिए भी उतना ही बुरा है।
उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करनी होगी। हम जानते हैं कि यह सुरक्षा और खुफिया तंत्र की विफलता थी। उन्होंने पर्यटन को फिर से शुरू करने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि पर्यटन जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा होंगी। प्रदेश सरकार अपने स्तर पर हर प्रयास कर रही है।
केंद्र से हस्तक्षेप का आग्रह उमर अब्दुल्ला ने रामबन जिले के एक निवासी की रिहाई के लिए केंद्र से हस्तक्षेप का आग्रह किया। कुछ दिनों पहले पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर में आतंकवादियों ने रंकित सिंह का अपहरण कर लिया था। सिंह की पत्नी शीला देवी ने कहा कि उनके पति नाइजर में एक बिजली वितरण कंपनी में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी से संपर्क करने की उनकी बार-बार की गई कोशिशों पर उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला।