मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड में तेज बारिश का अलर्ट

NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। उत्तरप्रदेश में बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे में बारिश-बिजली गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई। वहीं, प्रदेश के बांध ओवरफ्लो होने लगे हैं। ललितपुर में माताटीला बांध के 9 गेट खोले गए हैं, जबकि झांसी में पथराई बांध के चार और लहचूरा बांध के 10 गेट खोले गए हैं।
झारखंड के सरायकेला-खरसावां और लोहरदगा जिलों में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक व्यक्ति झुलस गया। सभी खेत से काम करके घर लौट रहे थे। राज्य में बारिश का आज यानी रविवार को यलो अलर्ट जारी किया है। बिहार में शनिवार को रोहतास में बारिश हुई, यहां बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई।
वहीं मध्य प्रदेश में भारी बारिश के चलते रीवा, सतना और छतरपुर समेत पांच जिलों में बाढ़ के हालात हैं। खजुराहो में 9 घंटे में 6.3 इंच बारिश हुई। छतरपुर के नौगांव में 3.4 इंच पानी बरसा। चित्रकूट में लोगों का नाव से रेस्क्यू कराया गया। यहां बाणसागर डैम के 7 गेट खोले गए। बरगी डैम के पांच गेट खोले गए हैं। राजस्थान के झालावाड़, धौलपुर, करौली और अलवर में शनिवार को तेज बारिश हुई। झालावाड़ में 4 इंच से ज्यादा पानी बरसा। इस दौरान तीन बच्चे डूब गए, दो के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक की तलाश जारी है।
मौसम विभाग ने रविवार को मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड में तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 21 राज्यों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश में बिजली गिरने का अलर्ट है। उत्तराखंड में बिजली गिरने के साथ-साथ अचानक बाढ़ आने और लैंडस्लाइड का भी अलर्ट है। मध्यप्रदेश के गुना में रविवार सुबह से करीब दो इंच बारिश हो चुकी है। पुरानी छावनी में सड़कों पर पानी भर गया है। लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बंद है। झांसी में भारी बारिश के चलते सिलगुवां गांव का नाला उफान पर है। इससे रपटे पर पानी आ गया और स्कूल गए बच्चे दूसरी ओर फंस गए थे।
झांसी के गुरसराय के सुट्टा गांव की पुख्खन देवी (65) ससोर नाले के पास अपने बेटे गजराज अहिरवार (45) के साथ बगिया में रहती हैं। शनिवार शाम को ससोर नाला उफना गया। इससे बगिया के चारों ओर पानी भर गया और मां-बेटे फंस गए। सूचना पर पूरा गांव मौके पर पहुंचा। पुलिस-प्रशासन को सूचना दी। करीब 7 घंटे तक रेस्क्यू चला। गोताखोर नाव लेकर पहुंचे। रात करीब 2 बजे नाव में मां-बेटे और उनके पशुओं को बैठाकर सकुशल बाहर निकाला गया।

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