Ncr Today. Khabariya. Ghaziabad। चुनावा आयोग द्वारा देश भर चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रकि्रया की पोल एक बार फिर खुल गई है। एसआईआर को चुनाव आयोग के दावे कई बार महज छलावा साबित हो रहे है।
हालांकि एसआईआर को लेकर विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग पर हमलावर रहते है, ताजा मामला देखने के बाद विपक्ष के आरोपी सही साबित हो रहे है। देश की राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद हुई एसआईआर प्रक्रिया के बाद उन अपार्टमेंटों में वोट प्रमाणित कर दिए जो करीब 5 साल पहले खाली कराए जा चुके है।
मामला साहिबाबाद विधान सभा (55) के बुथ संख्या 740 का है। एसआईआर प्रक्रिया के बाद बुथ संख्या 740 पर कुल मतदाताओं की संख्या 408 है जिसमे 229 पुरुष और 179 महिला मतदाता है। केआर मंगलम स्कूल के इस बुथ में वैशाली मेट्रो स्टेशन के आसपास सेक्टर 4 के सरयू टावर, शिप्रा टावर, नर्मदा टावर, कावेरी टावर, गौड़ गंगा अपार्टमेंट, मंदाकिनी टावर, और रावी टावर समेत 7 अपार्टमेंटो के मतदाता शामिल है।
चुनाव आयोग की तरफ से जारी वोटर िलस्ट में शामिल नर्मदा और कावेरी टावर में आयकर विभाग और कस्टम एवं सेंट्रल एक्साइज्ड विभाग के लोग रहते थे, लेकिन गाजियाबाद नगर निगम ने 2018 में दोनों ही टावरों को जर्जर घाेषित कर दिया गया था, जिसके बाद विभाग ने दोनों टावरों को खाली करवा दिया। इस कारण बीते 5 साल से नर्मदा और कावेरी टावर खाली पड़े है। इसके अलावा लिस्ट में कई नाम ऐसे हैं, जो इलाका छोड कर शिफ्ट हो चुके है।
इस बारे में गाजियबाद के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अरुण दीक्षित इस मामले में जांच और कार्यवाही करने की बात कर रहे हैं।