NCR TODAY. Khabariya. New Delhi।केंद्र सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण में भारतीय रेलवे के कायाकल्प और भविष्य की परिवहन व्यवस्था की एक भव्य तस्वीर पेश की है। इसमें 11 लाख करोड़ निवेश से रेलवे की कायाकल्प करने का रोडमैप बनाया गया है।

पीएम गतिशक्ति योजना

दस्तावेज के अनुसार भारत सरकार पीएम गतिशक्ति योजना के माध्यम से रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित और बेहद तेज बनाने के लिए एक बड़े मिशन पर काम कर रही है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए रेलवे अब केवल पटरियां बिछाने तक सीमित नहीं है बल्कि इसे आर्थिक गलियारों के रूप में विकसित किया जा रहा है। रेलवे के तीन नए आर्थिक रेलवे कॉरिडोर विकास की नई कहानी लिखेंगे जिससे रसद (लॉजिस्टिक) की लागत कम करने और माल ढुलाई को तेज लाई जा सके।

भारी उद्योगों को कच्चा माल तेजी से पहुंचाने का काम

पहला ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर है। इसमें भारी उद्योगों को कच्चा माल तेजी से पहुंचाने का काम करेगा। दूसरा पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर जोकि बंदरगाहों को रेलवे से जोड़कर आयात-निर्यात को रफ्तार देगा। वहीं, तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण हाई ट्रैफिक डेंसिटी कॉरिडोर होगा, जहां यात्रियों और मालगाड़ियों का दबाव को कम कर सफर की गति बढ़ाई जाएगी। सर्वेक्षण में बुलेट ट्रेन परियोजना की मौजूदा स्थित पर प्रकाश डाला गया है।

रेल सुरक्षा कवच और रफ्तार पर जोर

रेल सुरक्षा कवच और रफ्तार पर जोर दस्तावेज में रेल सुरक्षा का कवच और रफ्तार पर जोर दिया गया है। टक्करोधी कवच ट्रेनों को आपस में टकराने से रोकने वाली स्वदेशी तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू किया जा रहा है। दिल्ली-मुंबई व दिल्ली-कोलकाता रेलमार्ग पर सेमी हाई स्पीड ट्रेनों वंदे भारत को दौड़ने के लिए ट्रैक का उन्नय किया जा रहा है। वहीं, मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार बढ़ाने के लिए देश के 78 फीसदी से अधिक रेलवे ट्रैक को अब 110 किमी प्रति घंटा या उससे अधिक की गति के लिए तैयार (अपग्रेड) किया जा चुका है। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग से मानवीय गलतियों की गुंजाइश खत्म की जा रही है।

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