Ncr Today. Khabariya. New Delhi। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान दौरे पर ‘संशोधित उड़ान योजना’ की शुरुआत तथा कई परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, और बाद में गुजरात में एक सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को बताया कि श्री मोदी 04 जुलाई सुबह लगभग 10:45 बजे जोधपुर हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और ‘संशोधित उड़ान योजना’ का शुभारंभ करेंगे।
“उड़े देश का आम नागरिक” (उड़ान) के 10 साल पूरे होने बाद अब इसे नये रूप में पेश किया जा रहा है। इस योजना के तहत 28,840 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार की योजना अगले 10 साल में देश में मौजूद 100 ऐसी हवाई पट्टियों को हवाई अड्डों के रूप में विकसित करने की है जो अभी बेकार पड़े हैं। इसके लिए 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय हवाई अड्डों के संचालन के प्रारंभिक वर्षों में संचालन एवं रखरखाव में वित्तीय सहायता के लिए 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गयी है। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच के लिए योजना में 200 आधुनिक हेलीपैड के विकास का भी प्रस्ताव है।
योजना के तहत विमान सेवा कंपनियों को क्षेत्रीय हवाई अड्डों से उड़ान शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। बोली प्रक्रिया द्वारा आवंटित मार्गों पर सस्ते किराये के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए एयरलाइंस को कुल 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति सहायता (वीजीएफ) जारी करने का लक्ष्य है।
जोधपुर हवाई अड्डे पर नये टर्मिनल भवन का विकास 480 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। यह 23,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है। यह सालाना 20 लाख यात्रियों की आवाजाही के लिए बना है। इसे राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित वास्तुकला के आधार पर बनाया गया है। इसके मेहराब और झरोखे पारंपरिक तत्वों को आधुनिक डिजाइन के साथ खूबसूरती से अभिभूत करते हैं।
श्री मोदी दोपहर लगभग 12.15 बजे बालोतरा जाएंगे जहां वह लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वहां वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। ये परियोजनाएं पेट्रो-रसायन, शहरी परिवहन, रेलवे, सड़क, नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत पारेषण सहित कई क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं।
बालोतरा के पचपदरा में देश के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रो रसायन परिसर को प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अत्याधुनिक परिसर में तेल शोधन और पेट्रो-रसायन उत्पादन की सुविधाओं को एकीकृत किया गया है। इसे हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित किया गया है। इसकी सालाना क्षमता 90 लाख टन की है जिसमें 24 लाख टन पेट्रो-रसायन क्षमता शामिल है। इस कॉम्प्लेक्स की स्थापना 79,450 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से की गयी है।
प्रधानमंत्री जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखेंगे, जिसकी कुल लागत 13,000 करोड़ रुपये से अधिक है। दूसरे चरण के तहत, प्रह्लादपुरा से तोड़ी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जायेगा। यह जो सीतापुरा और विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (वीकेआई) के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को 36 स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगा। इस परियोजना से जयपुर के प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। पहले चरण के तहत, 11 स्टेशनों वाला 11.64 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर पहले से ही संचालन में है।
श्री मोदी लगभग 900 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चूरू-सादुलपुर (58 किमी) और चूरू-रतनगढ़ (46 किमी) रेल दोहरीकरण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। कुल 104 किमी लंबाई में फैली ये परियोजनाएं उत्तर-पश्चिम राजस्थान में रेल संपर्क को मजबूत करेंगी। इनसे रेल लाइन की क्षमता बढ़ेगी, जिससे यात्री और मालगाड़ियों का संचालन सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा और रेल नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम होगी।
वह जोधपुर रिंग रोड के खंड-2 (कारवार-डांगियावास) पर स्थित एनएच-125ए के चार लेन के निर्माण का भी उद्घाटन करेंगे। लगभग 740 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना से जोधपुर के आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और यात्रा सुगम एवं सुरक्षित बनेगी।
प्रधानमंत्री एसजेवीएन लिमिटेड की 1,000 मेगावाट की बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसे लगभग 5,500 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है। इस परियोजना में स्वदेशी रूप से निर्मित 24.22 लाख सौर मॉड्यूल का उपयोग किया गया है।
प्रधानमंत्री एनएचपीसी के 300 मेगावाट के करणीसर बीकानेर सौर ऊर्जा संयंत्र को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस परियोजना में स्वदेशी रूप से निर्मित लगभग 7.75 लाख सौर पीवी सेल और मॉड्यूल का उपयोग किया गया है।
राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र (आरईजेड) से बिजली निकासी के लिए 1,900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन श्री मोदी करेंगे। साथ ही वह राजस्थान आरईजेड के लिए 530 किलोमीटर लंबी बिजली ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला रखेंगे। ये ट्रांसमिशन प्रणालियां राजस्थान में उत्पादित नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी को सुगम बनाएंगी और राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेंगी।
राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में भर्ती किये गये लगभग 54,000 युवा प्रधानमंत्री से नियुक्ति पत्र करेंगे। इनमें शिक्षा, ऊर्जा, गृह, पंचायती राज, परिवहन, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, योजना, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक सुधार विभागों के कर्मी शामिल हैं।
इसके बाद श्री मोदी गुजरात जायेंगे। दोपहर बाद करीब 4.30 बजे वह अहमदाबाद के साणंद में स्थित सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वह लोगों को संबोधित भी करेंगे। सेमीकंडक्टर संयंत्र की शुरुआत वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में देश की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत पहली चार परियोजनाओं में से एक है। इसे 7,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से विकसित किया गया है। पूर्ण क्षमता के साथ संचालन में आने पर इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता पांच अरब सेमीकंडक्टर चिप्स तक होगी।