NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), लखनऊ अपने 1999 बैच के पूर्व छात्रों द्वारा “99 मूनशॉट्स” नाम से फेलोशिप अनुदान की शुरुआत कर रहा है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इसका उद्देश्य शोधार्थियों के बीच शोध उत्पादकता को बढ़ावा देना है। इस साल दो पीएचडी छात्रों को यह फेलोशिप अनुदान दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि संस्थान के स्नातकोत्तर कार्यक्रम, 1999 की कक्षा द्वारा वित्तपोषित, इस फेलोशिप का उद्देश्य शोधार्थी समुदाय को सशक्त बनाना है, ताकि वे गहन पड़ताल कर सकें और ऐसे समाधानों में योगदान दे सकें जो शिक्षा, उद्योग और समाज को आकार दें।
आईआईएम, लखनऊ के डीन (कार्यक्रम) संजय सिंह ने कहा, “हम अपने पीएचडी छात्रों के लिए इस फेलोशिप की स्थापना में उदार योगदान के लिए 1999 की कक्षा के आभारी हैं। भावी छात्रों को पोषित करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आईआईएम लखनऊ के पूर्व छात्र समुदाय की सच्ची भावना को दर्शाती है। मैं प्रथम फेलोशिप विजेताओं को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रतिभा के लिए हार्दिक बधाई देता हूं।” उन्होंने कहा, “यह समर्थन निस्संदेह उन्हें प्रभावशाली शोध करने और छात्रवृत्ति के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा।”
आईआईएम लखनऊ के 1999 बैच के पूर्व छात्र आशीष भगारे ने कहा, “शोध परिणामों को मजबूत करके अपने संस्थान की वैश्विक रैंकिंग को ऊंचा उठाने के उद्देश्य से, यह फेलोशिप इस लक्ष्य को पूरा करने का हमारा तरीका है। हमें इस वर्ष दो पीएचडी विद्यार्थियों को प्रायोजित करने पर गर्व है और उम्मीद है कि भविष्य में हम और भी कई छात्रों को सहयोग प्रदान करेंगे।”
फेलोशिप के अतिरिक्त, अनुदान में शीर्ष स्तरीय पत्रिकाओं में प्रकाशित या स्वीकृत शोध के लिए एक लाख रुपये का प्रकाशन पुरस्कार, विद्वानों को अग्रणी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रस्तुति देने में सक्षम बनाने के लिए तीन लाख रुपये का सम्मेलन अनुदान, तथा पीएचडी कार्यक्रम विवरण के अनुरूप आकस्मिकता और आंकड़ा-संग्रह अनुदान सहित शैक्षणिक सहायता भी शामिल होगी।

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