Ncr Today. Khabariya. New Delhi। एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने रविवार को यहां 27वें नौसेना प्रमुख का कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लिया जो 41 वर्षों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।
एडमिरल स्वामीनाथन को एक जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्धकला विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने लगभग चार दशकों के विशिष्ट सैन्य जीवन में अनेक परिचालन, स्टाफ तथा प्रशिक्षण संबंधी नियुक्तियों पर कार्य किया है।
एडमिरल स्वामीनाथन की समुद्री कमानों में निर्देशित प्रक्षेपास्त्र पोत आईएनएस विद्युत और आईएनएस विनाश, निर्देशित प्रक्षेपास्त्र कार्वेट ,आईएनएस कुलिश, निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विध्वंसक आईएनएस मैसूर तथा विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य शामिल हैं।
रियर एडमिरल पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसैनिक कमान मुख्यालय में मुख्य स्टाफ अधिकारी (प्रशिक्षण) के रूप में सेवा दी। इसके पश्चात उन्हें फ्लैग ऑफिसर समुद्री प्रशिक्षण नियुक्त किया गया तथा बाद में उन्होंने नौसेना की प्रहारक शक्ति माने जाने वाले पश्चिमी बेड़े की कमान संभाली। इसके बाद उन्हें फ्लैग ऑफिसर अपतटीय रक्षा सलाहकार समूह तथा भारत सरकार के अपतटीय सुरक्षा एवं रक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया।
वाइस एडमिरल पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने पश्चिमी नौसैनिक कमान के प्रमुख स्टाफ अधिकारी, नौसेना मुख्यालय में कार्मिक सेवा नियंत्रक, कार्मिक प्रमुख तथा नौसेना उप प्रमुख जैसे पदों पर कार्य किया। नौसेना प्रमुख का पदभार ग्रहण करने से पूर्व एडमिरल स्वामीनाथन प्रतिष्ठित पश्चिमी नौसैनिक कमान के प्रमुख थे।
एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन को विशिष्ट सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक तथा विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *