NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने वाराणसी सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नकली कफ सिरप गिरोह संचालित होने का दावा करते हुए बुधवार को सरकार से कठोरतम कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और विशेषकर बनारस और इसके आसपास के इलाकों — चंदौली, जौनपुर, आजमगढ़, भदोई में नकली कफ सिरप से जुड़ा गिरोह गतिविधियां चला रहा है।
सपा सांसद ने कहा कि इस गिरोह ने मध्यप्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल तथा देश के बाहर बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका तक नकली कफ सिरप की आपूर्ति की, जिससे सैकड़ों बच्चों की मौत हो गई।
⁠उन्होंने दावा किया कि बनारस सेंट्रल बार एसोसिएशन के एक पदाधिकारी की इसी तरह के कफ सिरप के सेवन के कारण करीब एक साल पहले मौत हो गई।
सपा सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ उत्तर प्रदेश में ‘जीरो टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने) की नीति होने का दावा किया जाता है और राज्य के वाराणसी संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री करते हैं, लेकिन उसी बनारस के अंदर ‘‘एक जाति विशेष के माफिया लोग एक पूरा रैकेट संचालित कर रहे हैं। उन लोगों ने दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का (नकली कफ सिरप का) व्यापार कर डाला।’’  उन्होंने सरकार से इसकी जांच की मांग करते हुए कहा, ‘‘कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निशिकांत दुबे ने बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि संथाल परगना इलाके में 1951 में आदिवासियों की आबादी 45 प्रतिशत थी जो 2011 की जनगणना में केवल 26-27 प्रतिशत रह गई।
उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2026-27 में जनगणना होगी तो मुझे लगता है कि उनकी आबादी केवल 21 या 22 प्रतिशत होगी।’’
दुबे ने दावा किया कि इलाके से लगभग 50 प्रतिशत आदिवासी गायब हो गए, जबकि मुसलमानों की आबादी ‘‘हमारे यहां नौ प्रतिशत थी, जो अब 24 प्रतिशत हो गई। पूरे देश में मुस्लिम आबादी चार प्रतिशत बढ़ी है। लेकिन हमारे यहां मुसलमानों की आबादी 15 प्रतिशत बढ़ी है।’’
उन्होंने एक ठोस योजना बनाने की मांग करते हुए कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू कर सभी बांग्लादेशियों को देश से बाहर किया जाए।
सपा के मोहिबुल्लाह नदवी ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ‘उम्मीद’ पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए केवल छह महीने का समय दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘केवल 30 प्रतिशत वक्फ जायदादों, मदरसों, मस्जिदों और कब्रिस्तानों का पंजीकरण हुआ है। उस पर भी सर्वर डाउन चल रहा है और समय सीमा खत्म हो गई है। सत्तर प्रतिशत वक्फ जायदादों का पंजीकरण नहीं हुआ है।’’
निर्दलीय सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बिहार के बेगूसराय में एक दिन पहले की गई पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों की छह पीढ़ियों के रहने के बाद भी गलत तरीके से और बिना कानूनी प्रक्रिया के एक गांव को उजाड़ दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘कल बेगूसराय में बहुत बुरे तरीके से एक गरीब और दलित बस्ती को उजाड़ा गया। लाठी चलाई गई और जुल्म किया गया।’’ उन्होंने इन लोगों के आवास के लिए पांच डिसमिल जमीन और शहर में दुकान आवंटित करने की सरकार से मांग की।
कांग्रेस के इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के संबंध में उच्चतम न्यायालय के हालिया निर्णय का उल्लेख करते हुए सरकार से पुनर्विचार याचिका दायर करने तथा आवश्यकता पड़ने पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में उपयुक्त संशोधन लाने पर भी विचार करने का आग्रह किया।
कांग्रेस के ही राहुल कासवा ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत दिये जाने वाले ऋण की सीमा प्रति हेक्टेयर तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किये जाने की घोषणा के बावजूद इसका कार्यान्वयन नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि बैंक इसे मानने को तैयार नहीं हैं इसलिए सरकार को इस संबंध में अधिसूचना जारी करनी चाहिए।
भाजपा के योगेन्द्र चंदोलिया ने समय-पूर्व प्रसव के कारण बच्चों की मौत होने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से दिल्ली में केंद्र सरकार के कलावती सरन बाल चिकित्सालय, लेडी हार्डिंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के अंदर इसके लिए अलग से ब्लॉक बनाने की मांग की, ताकि गरीबों का इलाज हो सके।
तृणमूल कांग्रेस की जून मालिआ ने पश्चिम बंगाल में मनरेगा के लिए केंद्र द्वारा कथित रूप से निधि नहीं जारी किये जाने का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि केंद्र सरकार इस योजना को पुन: शुरू करने के लिए तत्काल राशि जारी करे।
कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला ने पंजाब की कानून-व्यव्स्था का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि राज्य में, बाहर से गैंगस्टर बड़ी संख्या में हत्याएं करा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक पार्टियां गैंगस्टर का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर पंजाब के लोगों को सुरक्षा मुहैया करने का आग्रह भी किया।
द्रमुक की कनिमोई ने छह महीने पहले तमिलनाडु के पांच श्रमिकों का माली में अपहरण होने और उनका अब तक कोई अता-पता नहीं चलने का उल्लेख करते हुए उन्हें मुक्त कराने और वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का सरकार से आग्रह किया।
भाजपा की भारती पारधी ने सिवनी (मध्यप्रदेश) के सीताफल को शीघ्र जीआई टैग प्रदान करने की मांग की।

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