परंपरा और राष्ट्रगौरव का भव्य संगम: विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट समारोह के साथ गणतंत्र दिवस आयोजनों का समापन
NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। राजधानी के ऐतिहासिक विजय चौक पर गुरुवार शाम आयोजित बीटिंग रिट्रीट समारोह के साथ 77वें गणतंत्र दिवस के चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रमों का औपचारिक रूप से समापन हो गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में हुए इस आयोजन में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं के प्रमुख, केंद्रीय मंत्रीगण और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। पूरे क्षेत्र को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था, जिसने समारोह को और भव्य स्वरूप प्रदान किया।
समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सलामी दिए जाने के साथ हुई। इसके बाद तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रगान की धुन के साथ वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बैंडों ने प्रसिद्ध सैन्य धुन ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’ से कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसने उपस्थित जनसमूह में जोश भर दिया।
तीनों सेनाओं के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंडों ने भी एक से बढ़कर एक देशभक्ति और शास्त्रीय धुनें प्रस्तुत कीं। वायुसेना के बैंड ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से सेवानिवृत्त लड़ाकू विमान की आकृति बनाकर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया, जबकि नौसेना के बैंड ने ‘वंदे मातरम्’ के डेढ़ सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विशेष संरचनाएं बनाईं।
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण वायुसेना बैंड द्वारा बनाई गई ‘सिंदूर’ संरचना रही, जिसे हाल के सैन्य अभियानों में बलिदान और पराक्रम को समर्पित किया गया। संगीत और प्रतीकात्मक आकृतियों के माध्यम से सशस्त्र बलों के साहस को श्रद्धांजलि दी गई, जिसे दर्शकों ने देर तक तालियों से सराहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समारोह में रहे मौजूद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समारोह के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बीटिंग रिट्रीट देश की समृद्ध सैन्य परंपरा, अनुशासन और शौर्य का प्रतीक है। उन्होंने सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका साहस और समर्पण पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम स्थल पर विशाल स्क्रीन लगाए गए थे, जिन पर समारोह की जीवंत झलकियों के साथ-साथ ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष, अंतरिक्ष अभियानों और अमर जवान ज्योति से जुड़ी प्रतीकात्मक छवियां प्रदर्शित की गईं। केंद्रीय सशस्त्र बलों के बैंड ने ‘विजय भारत’ जैसी प्रेरणादायक धुन प्रस्तुत कर देश के उत्थान और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाया।
