Ncr Today. Khabariya. New Delhi। भारत में यात्री वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 4,42,460 यूनिट्स हो गई है। इसकी वजह मांग में सुधार और डीलरशीप के पास अधिक इन्वेंट्री होना था। यह जानकारी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) की ओर से मंगलवार को दी गई।
इससे पहले, पिछले साल मार्च में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 3,81,358 यूनिट्स थी।
मार्च में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 19.3 प्रतिशत बढ़कर 19,76,128 यूनिट्स हो गई है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 16,56,939 यूनिट्स थी। तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 21.4 प्रतिशत बढ़कर 76,273 यूनिट्स हो गई है, जो कि मार्च 2026 में 62,813 यूनिट्स थी।
इसके अलावा, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में कंपनियों से डीलरों को भेजे गए घरेलू यात्री वाहनों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 10.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 4,17,705 यूनिट तक पहुंच गई, जो बाजार में निरंतर सकारात्मक माहौल को दर्शाती है।
यात्री वाहन सेगमेंट के लिए समग्र दृष्टिकोण भी सकारात्मक बना हुआ है, हालांकि आने वाले समय में वृद्धि दर में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी मांग में मजबूती, हाल ही में जीएसटी दरों में कटौती और नए मॉडलों के लगातार लॉन्च के चलते वित्त वर्ष 2026 में थोक बिक्री में लगभग 7-9 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है।
हालांकि, उच्च आधार और बदलती व्यापक आर्थिक परिस्थितियों के कारण वित्त वर्ष 2027 में वृद्धि दर घटकर 4-6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस क्षेत्र में संरचनात्मक परिवर्तन जारी हैं, जिसमें यात्री वाहनों की कुल बिक्री में यूटिलिटी वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 67 प्रतिशत है, जो प्रीमियम उत्पादों की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे वैकल्पिक ईंधन विकल्पों को अपनाने में वृद्धि से मांग में विविधता आ रही है।

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