NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अल्केमिस्ट ग्रुप से जुड़ी दो संपत्तियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अनंतिम रूप से कुर्क किया है।
ईडी के दिल्ली जोनल ऑफिस ने कंवर दीप सिंह के स्वामित्व वाली पंचकूला स्थित अल्केमिस्ट हॉस्पिटल और ओजस हॉस्पिटल के 127.3 करोड़ रुपए मूल्य के शेयरों को कुर्क किया। यह कार्रवाई मेसर्स अल्केमिस्ट ग्रुप, उसके निदेशकों, प्रमोटरों और संबद्ध कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है, जो बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़ा मामला है।
ईडी ने यह जांच कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी और बाद में सीबीआई, एसीबी लखनऊ द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी और 420 के तहत दर्ज मामलों के आधार पर शुरू की थी। ये मामले मेसर्स अल्केमिस्ट टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स अल्केमिस्ट इंफ्रा रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड और समूह के प्रमोटर व निदेशक कंवर दीप सिंह तथा अन्य के खिलाफ दर्ज किए गए थे।
ईडी की प्रारंभिक जांच से खुलासा हुआ कि कंपनी ने धोखाधड़ी कर सामूहिक निवेश योजनाओं (सीआईएस) के माध्यम से जनता से अवैध रूप से धन जुटाया था। इन योजनाओं में निवेशकों को असामान्य रूप से ऊंचे रिटर्न का लालच दिया गया और प्लॉट, फ्लैट या विला आवंटन के झूठे वादे किए गए। जांच में पाया गया कि मेसर्स अल्केमिस्ट होल्डिंग्स लिमिटेड और मेसर्स अल्केमिस्ट टाउनशिप इंडिया लिमिटेड ने करीब 1,848 करोड़ रुपए गैर-जिम्मेदार निवेशकों से अवैध रूप से एकत्र किए और फिर इन पैसों का अनधिकृत उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया।
ईडी ने बताया कि इन पैसों को समूह की विभिन्न कंपनियों के बीच जटिल वित्तीय लेनदेन के माध्यम से घुमाया गया, ताकि इसके अवैध स्रोत को छिपाया जा सके। बाद में इस दूषित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का उपयोग अल्केमिस्ट हॉस्पिटल और ओजस हॉस्पिटल के निर्माण में किया गया।

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