PM witnesses the ASML-Tata MoU signing ceremony, in Netherlands on May 16, 2026.

Ncr Today. Khabariya. Webvarta. Heg। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 वीं सदी के भारत को अवसरों की भूमि बताते हुए नीदरलैंड में भारतीय समुदाय से भारत में निवेश तथा सहयोग बढाने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि विकसित भारत की यात्रा में वैश्विक भारतीय समुदाय की बड़ी भूमिका होगी। पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में दो दिन की यात्रा पर शुक्रवार रात यहां पहुंचे श्री मोदी ने शनिवार को भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की । भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने उन लोगों को दोनों देशों के संबंधों की असली ताकत तथा जीवंत सेतु करार दिया और कहा कि सरकार ने सूरीनामी हिंदुस्तानी समाज के लिए ओसीआई कार्ड पात्रता चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक कर दी है।
श्री मोदी ने आर्थिक, प्रौद्योगिकी क्षेत्र और लोकतांत्रिक उपलब्धियों को रेखांकित किया तथा उन लोगों से भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई ऊंचाई देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत आज “असीम आकांक्षाओं” और “असीम प्रयासों” के साथ दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड के नेताओं ने हमेशा भारतीय प्रवासी समुदाय की प्रशंसा की है और यहां रह रहे भारतीय डच समाज के लोग अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रवासियों की सांस्कृतिक जड़ों की सराहना करते हुए कहा कि पीढ़ियां बदलने और देशों की सीमाएं बदलने के बावजूद भारतीयों ने अपनी भाषा, संस्कृति, त्योहार और परंपराओं को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय केवल प्रवास की कहानी नहीं बल्कि संघर्ष, संस्कृति और प्रगति की जीवंत मिसाल है।
भारत की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने बताया कि 2014 में भारत में केवल चार यूनिकॉर्न थे जबकि आज यह संख्या करीब 125 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा, अंतरिक्ष और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब मोबाइल फोन निर्माण में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है और देश में 12 सेमीकंडक्टर संयंत्रों पर काम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारत में अब “डिज़ाइन्ड इन इंडिया” और “मेड इन इंडिया” चिप्स का उत्पादन शुरू हो रहा है।
उन्होंने डिजिटल इंडिया अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल सार्वजनिक ढांचा विकसित कर चुका है। उन्होंने कहा कि हर महीने भारत में 20 अरब से अधिक यूपीआई लेनदेन हो रहे हैं, जो वैश्विक डिजिटल लेन -देन का आधे से अधिक हिस्सा है।
वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच दुनिया विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड मिलकर “विश्वसनीय, पारदर्शी और भविष्य-उन्मुख” आपूर्ति श्रृंखला विकसित कर रहे हैं।
उन्होंने हरित हाइड्रोजन, जल सुरक्षा और व्यापारिक सहयोग को दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते से भारत-नीदरलैंड साझेदारी और मजबूत होगी तथा भारतीय व्यवसायों के लिए यूरोप में प्रवेश का प्राकृतिक द्वार नीदरलैंड बनेगा। उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय को भारत और यूरोप के बीच “विश्वसनीय सेतु” बताया।
खेल के क्षेत्र में सहयोग पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रिकेट में भारतीय मूल के खिलाड़ियों ने नीदरलैंड को मजबूत किया है जबकि भारत की हॉकी टीम को डच कोचों से लाभ मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हॉकी विश्व कप में चाहे कोई भी जीते, भारत और नीदरलैंड की दोस्ती अवश्य जीतेगी।
प्रधानमंत्री ने सूरीनामी हिंदुस्तानी समाज के लिए ओसीआई कार्ड पात्रता चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक किए जाने की घोषणा का भी उल्लेख किया। भारतीय समुदाय से भारत में निवेश और सहयोग बढ़ाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि “21वीं सदी का भारत अवसरों की भूमि है” और विकसित भारत की यात्रा में वैश्विक भारतीय समुदाय की बड़ी भूमिका होगी।

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