Ncr Today. Khabariya. New Delhi। उच्चतम न्यायालय ने अपने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खोजबीन-सह-चयन समिति से शुक्रवार को कहा कि वह इलाहाबाद और कोलकाता में ऋण वसूली अपीलीय अधिकरण (डीआरएटी) के अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया में तेजी लाए।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने खोजबीन-सह-चयन समिति से कहा कि वह चार हफ्ते के अंदर चयन प्रक्रिया पूरा करने की कोशिश करे।
यह आदेश उस वक्त जारी किया गया, जब केंद्र की ओर से पेश हुए अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने कहा कि कार्यकाल को 70 वर्ष की आयु सीमा से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता और साथ ही, इलाहाबाद और कोलकाता में इन अधिकरणों के दो रिक्त पदों के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पीठ ने कहा, ‘‘डीआरएटी इलाहाबाद और डीआरएटी कोलकाता के अध्यक्ष पद अभी रिक्त हैं, जिनके लिए अब चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चयन समिति की अध्यक्षता इस न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश कर रहे हैं। हम समिति से अनुरोध करते हैं कि वह चयन प्रक्रिया में तेजी लाए और इसे चार हफ्ते के अंदर पूरा करने की कोशिश करे।’’ शीर्ष अदालत विभिन्न अधिकरणों में रिक्त पदों और उनके कामकाज से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
सुनवाई के दौरान, प्रधान न्यायाधीश ने पूछा कि क्या चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अटॉर्नी जनरल ने जवाब दिया, ‘‘प्रक्रिया शुरू हो गई है। समिति का गठन कर दिया गया है।’’
पीठ ने सशस्त्र बल अधिकरण (एएफटी) में रिक्त पदों के मुद्दे पर भी विचार किया, जिसमें इसकी लखनऊ पीठ भी शामिल है।
इस मुद्दे पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि 11 रिक्तियां हैं और चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
शीर्ष अदालत ने 21 सितंबर को केंद्र सरकार को अधिकरणों, खासकर डीआरएटी, में रिक्त पदों की जानकारी देने का निर्देश दिया था। अदालत को सूचित किया गया था कि कई न्यायाधिकरण खाली पदों और आगामी सेवानिवृत्तियों के कारण कामकाजी कठिनाइयों का सामना कर रहे है।
केंद्र ने पूर्व में अदालत को बताया था कि विभिन्न अधिकरणों में लगभग 90 पद रिक्त हैं और खोजबीन-सह-चयन समिति उनमें से 81 पदों पर नियुक्तियां करने की प्रक्रिया पर काम कर रही है।

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