NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर पाइप के जरिये गैस आपूर्ति के लिए पीएनजी कनेक्शन लेने की सरकार की अपील का असर हुआ है और पिछले दो सप्ताह में लोगों ने लगभग सवा लाख नये पीएनजी घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक कनेक्शन लिये हैं जबकि तीन दिनों में 5600 से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी छोड़कर पीएनजी कनेक्शन लिया है। सरकार ने एलपीजी के स्रोत में विविधता लाने के लिए अमेरिका से एलपीजी लेना शुरू कर दिया है और अन्य देशों के साथ भी बातचीत की जा रही है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर गुरुवार को अंतर मंत्रालयी ब्रीफिंग में कहा कि एलपीजी की स्थिति पश्चिम एशिया में अभी भी चल रहे युद्ध के कारण चिंताजनक बनी हुई है लेकिन किसी भी वितरक केंद्र पर गैस सिलेंडर की कमी नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग 94 प्रतिशत तक बढ़ गई है और 83 प्रतिशत रिफिल आपूर्ति वितरण प्रमाणीकरण के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि घबराहट में की जाने वाली बुकिंग में कमी आई है। उन्होंने कहा कि बुधवार को लगभग 57 लाख रिफिल बुकिंग की गईं और सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में कच्चे तेल की स्थिति और रिफाइनरी संचालन सामान्य है। खुदरा पंपों पर किसी प्रकार की कमी की सूचना नहीं है और सभी खुदरा केंद्र सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं। घरेलू पाइप प्राकृतिक गैस और परिवहन हेतु संपीड़ित प्राकृतिक गैस की 100 प्रतिशत आपूर्ति बिना किसी कटौती के सुनिश्चित की गई है।

5600 एलपीजी से पीएनजी कनेक्शन पर आये

संयुक्त सचिव ने कहा कि सरकार की उपभोक्ताओं से अधिक से अधिक पीएनजी कनेक्शन लेने तथा एलपीजी से पीएनजी पर आने की अपील का असर हुआ है और पिछले दो सप्ताह में लगभग सवा लाख नए घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पिछले तीन दिनों में 5600 से अधिक एलपीजी उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन में स्थानांतरित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक एलपीजी के संबंध में लगभग 17 राज्य सरकारों ने आवंटन आदेश जारी किए हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आपूर्ति दी गई है। इसके अतिरिक्त, लगभग 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अतिरिक्त केरोसिन आवंटन के आदेश जारी किए हैं।
अधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं और सरकार ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को पुनः पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई करने और कानून के तहत उल्लंघन पर कठोर दंड देने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं तथा 25 में जिला स्तरीय निगरानी समितियां बनाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों में छापेमारी जारी है। कल लगभग 6000 छापे मारे गये। उत्तर प्रदेश में लगभग 1100 छापे, लगभग 1000 सिलेंडर जब्त, 17 प्राथमिकी दर्ज और एक गिरफ्तारी हुई। मध्य प्रदेश में 1632 छापे और लगभग 2500 सिलेंडर जब्त किए गए। तेलंगाना में लगभग 1000 छापे और 2300 सिलेंडर जब्त किए गए। तेल विपणन कंपनियाँ भी सक्रिय हैं और कल लगभग 2000 खुदरा केंद्रों तथा वितरक केंद्रों का निरीक्षण किया गया।
श्रीमती शर्मा ने कहा कि सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। साथ ही केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों की भी व्यवस्था की गई है। पर्यावरण मंत्रालय ने राज्य सरकारों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को इन वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की अनुमति देने की सलाह दी है। कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और अन्य इकाइयों को राज्यों को अधिक मात्रा में कोयला उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस से जुड़े सभी संस्थानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार सभी स्तरों पर घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की तरह अब एलपीजी आयात के स्रोतों में भी विविधता लायी जा रही है। इसके तहत अमेरिका से एलपीजी लेना शुरू कर दिया गया है।

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