NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। शिक्षा मंत्रालय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि स्कूलों में कक्षा तीन से आगे एआई पर पाठ्यक्रम शुरू किया जायेगा।
शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने भविष्य के लिए तैयार शिक्षा के आवश्यक घटकों के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग को आगे बढ़ाने के लिए आज अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (एआई और सीटी) सीखने, सोचने और सिखाने की अवधारणा को सुदृढ़ करेगी और धीरे-धीरे “सार्वजनिक हित के लिए एआई” के विचार की ओर विस्तारित होगी। यह पहल जटिल चुनौतियों को हल करने के लिए एआई के नैतिक उपयोग की दिशा में एक नया लेकिन महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह तकनीक कक्षा तीन से शुरू होगी।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा तीन के बाद से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की शुरुआत की जायेगी।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एआई और सीटी पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर कार्तिक रमन की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि एआई में शिक्षा को हमारे आसपास की दुनिया से जुड़े एक बुनियादी सार्वभौमिक कौशल के रूप में माना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं के रूप में हमारा काम न्यूनतम सीमा निर्धारित करना और बदलती जरूरतों के आधार पर उसका पुनर्मूल्यांकन करना है।
उन्होंने आगे इस बात का उल्लेख किया कि निष्ठा के शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल और वीडियो-आधारित शिक्षण संसाधनों सहित शिक्षक प्रशिक्षण और शिक्षण सामग्री, पाठ्यक्रम कार्यान्वयन की रीढ़ बनेगी। स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ एसई) के अंतर्गत एक समन्वय समिति के माध्यम से एनसीईआरटी और सीबीएसई के बीच सहयोग से निर्बाध एकीकरण, संरचना और गुणवत्ता आश्वासन सुनिश्चित होगा।

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