Ncr Today. Khabariya. New Delhi। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि पिछले 10 से 15 दिनों के अंदर चौथी बार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ गए जिससे सारी चीजें महंगी हो गई है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा “आज फिर इन्होंने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। पूरे देश में औसतन ढाई-ढाई रुपए बढ़ाए गए हैं। पिछले कुछ दिनों में यह चौथी बार दाम बढ़ाए गए हैं। पिछले 10-15 दिन के अंदर पेट्रोल और डीजल के दाम लगभग 7.5 से 8 रुपए बढ़ गए हैं। रूस और ईरान हमें सस्ता और पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस देने के लिए तैयार हैं, तो फिर हम लोग उनसे क्यों नहीं खरीद रहे हैं?” श्री केजरीवाल ने कहा “मैंने देशवासियों से दो-तीन दिन पहले पूछा था कि क्या हमारे देश को रूस और ईरान से तेल और गैस खरीदना चाहिए, तो लगभग 97 फीसदी लोगों ने मुझे कहा कि हां हमें खरीदना चाहिए। जब हमारे देश के लोग मांग कर रहे हैं कि हमें ईरान और रूस से तेल और गैस खरीदना चाहिए और वे हमें सस्ता तथा पर्याप्त दे रहे हैं, तो हमारे देश के प्रधानमंत्री की क्या मजबूरियां हैं जिसकी वजह से वे तेल और गैस रूस और ईरान से नहीं खरीद रहे हैं? देशवासियों को क्या लगता है कि प्रधानमंत्री रूस और ईरान से तेल और गैस क्यों नहीं खरीद रहे हैं?”
उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ लोग इस वक्त दुखी हैं और उनके घर का खर्चा नहीं चल रहा है क्योंकि महंगाई बहुत ज्यादा हो गई है। प्रधानमंत्री की वे कौन सी मजबूरियां हैं जिसकी वजह से 140 करोड़ लोगों को यह दुख झेलना पड़ रहा है? देशवासी मुझे कमेंट और डीएम में बताइएगा। आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप पहले दिन से कह रही है कि सरकार धीरे-धीरे करके पेट्रोल और डीजल को बहुत महंगा करने वाली है। सरकार सिर्फ चुनाव के लिए रुकी हुई थी। बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के चुनाव हो गए और सरकार का काम हो गया, इसलिए अब ये दाम बढ़ेंगे। इन दामों के बढ़ने के पीछे जो सबसे बड़ा कारण है, वह भाजपा की केंद्र सरकार है। श्री भारद्वाज ने कहा कि भारत को सस्ता तेल ईरान और रूस से भी मिल सकता है, लेकिन अमेरिका के दबाव में सरकार सस्ता तेल नहीं खरीद पा रही है। इस कारण देश की जनता के ऊपर बोझ डाला गया है। आज प्रधानमंत्री ने भारत को एक कॉलोनी बना दिया है, जिसमें प्रधानमंत्री हर कदम उठाने से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *