वेबवार्ता. खबरिया न्यूज. एनसीआर टुडे. नूरपुर। नगर में अवैध खनन का कारोबार चरम सीमा पर धड़ल्ले से चल रहा है। डीएम और एसपी के सख्त आदेश की उड़ा रहे खनन माफिया धज्जियां और कमा रहे मोटा मुनाफा।
नूरपुर में रात्रि भर चलता रहता है मिट्टी का अवैध खनन नहटौर चौराहे के पास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ है वायरल। प्राप्त जानकारी के अनुसार नूरपुर में अवैध खनन का खेल जारी है।
खादर में रात के अंधेरे में जेसीबी डंपर से हो रहा खनन।, बेबस प्रशासन मौन बनकर मूकदर्शक बना बैठा है या कोई है और वजह कई नहीं होती कोई कार्रवाई। नूरपुर में मिट्टी खनन का कारोबार इन दिनों चरम सीमा पर बेखौफ चल रहा है।
थाना नूरपुर से महज एक किलोमीटर के अंतराल पर रात भर चलता है अवैध खनन। जबकि नगर के चौराहों पर रात्रि ड्यूटी करती है नूरपुर पुलिस रहती।
ग्रामीण खादर इलाकों से लेकर नूरपुर नगर तक, खनन माफिया बिना किसी रोक-टोक के जेसीबी और डंपरों की मदद से धरती की कोख को खोखला कर रहे हैं। इनकी इस हरकत से जहां पर्यावरण को गहरा नुकसान हो रहा है।
जनता अब प्रशासन से नहीं फर्जी कार्रवाई …
नूरपुर। स्थानीय जनता की मांग है कि अब नहीं चाहती दिखावटी कार्रवाई । ग्रामीणों और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से कड़ी और स्थाई कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है- अगर एक किसान को एक ट्राली मिट्टी उठाने के लिए परमिशन लेनी पड़ती है, तो माफिया खुलेआम जेसीबी और डंपर से खनन कैसे कर रहे हैं? “हमें अब जुर्माना नहीं, गिरफ्तारी और जेसीबी और डंपर सीज चाहिए।
वीडियो आया सामने,पर भी प्रशासन क्यों है खामोश?
नूरपुर। बीती रात नूरपुर ब्लॉक के ठीक सामने अन्नपूर्णा होटल चौराहे इलाके में हो रहा मिट्टी का खनन। इलाके में जेसीबी और डंपर से हो रहे खनन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह बड़े-बड़े वाहन रात के अंधेरे में खनन कर मिट्टी भरते नजर आते हैं। लेकिन प्रशासन या खनन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सिर्फ नाम के लिए तैनात हैं अधिकारी स्थानीय सूत्रों की मानें तो जिले में खनन अधिकारी सिर्फ कागजों पर मौजूद हैं। जब भी ऐसी खबरें बाहर आती हैं, तो कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति और जुर्माना वसूली कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। सफेद पोश खनन माफियों की पकड़ इतनी मजबूत है कि उनके ट्रैक्टर-ट्रालियों को न तो पुलिस चेक पोस्ट पर रोका जाता है और न ही किसी चौराहे पर। सूत्रों के मुताबिक एक ट्राली मिट्टी की कीमत 1000 से 1200 रुपए, डंपर सप्लाई कॉलोनियों मैं शहरी इलाकों में एक ट्रैक्टर ट्राली मिट्टी की कीमत 1000 से 1200 रुपए ली जा रही है।
कई कॉलोनियों में बड़े पैमाने पर डंपरों के जरिए मिट्टी का भराव हो रहा है। शहर की सड़कों पर ये मिट्टी लदी ट्रालियां बेधड़क दौड़ रही हैं, जिनसे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। शिकायतों का कोई असर नहीं, माफियाओं के हौसले बुलंद स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता लंबे समय से शिकायतें दर्ज कराते आ रहे हैं। कई बार वीडियो और तस्वीरें भी प्रशासन को सौंपी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह है कि माफियाओं के हौसले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं और दिन-रात धड़ल्ले से अवैध खनन जारी है।उपजाऊ जमीन हो रही बर्बाद, हादसों का भी खतरा विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध खनन से पर्यावरणीय असंतुलन, भूमि कटाव, फसल की पैदावार में गिरावट, गिरावट, और ग्रामीण इलाकों में सड़क क्षति जैसे गंभीर प्रभाव सामने आ रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रालियों की तेज आवाजाही से ग्रामीण इलाकों में हादसे बढ़ गए हैं।