नरेश दीक्षित/वरिष्ठ पत्रकार

अयोध्या का हिन्दू जाग गया है अयोध्या के हिन्दुओं की तरह पूरे देश के हिन्दुओं को जागने की जरूरत है!—– भारत बर्बाद होने की कगार पर पहुंच चुका है।
भारत कर्जे के महासमुद्र में डूबता चला जा रहा है। 2014 में भारत के ऊपर कुल कर्ज 55 लाख करोड़ रूपया था। RBI की 31 दिसम्बर 2021 की रिपोर्ट के अनुसार देश के ऊपर कुल कर्ज 128 लाख करोड़ रूपए से अधिक हो चुका था। RBI की 31 मार्च 2022 की रिपोर्ट के अनुसार देश के ऊपर कर्जा बढ़कर 133 लाख करोड़ रूपए से अधिक हो गया, यानी कि मात्र तीन महीने में देश के ऊपर पांच लाख करोड़ रूपए का कर्जा बढ़ा। RBI ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा की यदि रुपए की कीमत और देश की अर्थव्यवस्था इसी प्रकार से गिरती रही तो 31 मार्च 2023 तक देश 155 लाख करोड़ रूपए के महा समुद्र में डूब जाएगा। आज पूरे देश के ऊपर कर्जा बढ़ते हुए 205 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है। रूपया एक डालर 83 रूपए के बराबर होकर अब तक के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है। अर्थव्यवस्था तीसरे नम्बर से लुढ़ककर पांचवे नम्बर पर जा चुकी है।
मोदी सरकार ने RBI में देश की आपात स्थिति के लिए रखे गए रिजर्व फण्ड से 9 लाख करोड़ रुपया निकाल लिया। जनता को पांच किलो राशन नही मिलेगा तो जनता बीजेपी को वोट नही देगी, पैसा आएगा कहां से ? मोदी ने जनता को पांच किलो राशन देने के लिए एक एक करके सरकारी सस्थाओं को बिक्री कर दिया। मोदी ने बुलेट ट्रेन चलाने के लिए जापान से 80 हजार करोड़ रुपया कर्ज ले रखा है।
बीते 9 वर्षों में मोदी सरकार ने अपने बड़े धन्नासेठों का अभी तक 15 लाख करोड़ रुपए का बैंक लोन राइट आफ कर दिया है। मोदी सरकार ने बैंक लूटकर विदेश भागने वाले लुटेरों का अभी तक 68607 करोड़ रूपए का कर्जा माफ कर दिया है।
लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। बेरोजगारी के कारण पढ़ी लिखी युवा पीढ़ी का जीवन बर्बाद हो रहा है। बेरोजगारी मंहगाई डायन की तरह मुंह फैलाए खड़ी है। नई नई सड़के धंस रही हैं। एयरपोर्ट गिर रहे हैं। पुल टूट रहे हैं। नई बनाई गई पानी की टंकी गिरने से लोगों की जान जा रही है। लोगों की गाढ़ी कमाई का पैसा घोटाले की भेंट चढ़ रहा है।
बीजेपी की काली करतूत सामने आ रही है।
बीते 10 वर्षों में नरेन्द्र मोदी की बीजेपी ने गोमांस बेचने वाली कम्पनियों से 250 करोड़ रूपया चंदा लेकर लाखों गौवंश कटवा दिया।
Google search करने पर पाया गया की भारत के दस बड़े कत्लखाने हिन्दू चला रहे हैं और कुछ सरकारी कत्लखाने भी चल रहे हैं, जिनमें दो सरकारी कत्लखाने उत्तर प्रदेश में चल रहे हैं।
बीते नौ वर्षों में बीजेपी सरकार ने भारत को गो मांस के निर्यात में ऊंचाई पर पहुंचा दिया। पहले क्या होता था की कत्लखाने वाले जब किसानों से गाय बैल खरीदते थे तो उन्हें पैसा देना पड़ता था, फिर भी कत्लखानों को उतने मोटे तंदुरुस्त गाय बैल नही मिल पाते थे जितने तंदुरुस्त गाय बैल उन्हें चहिए था। कयोंकि किसान उन्हें उतना चारा नही खिलाते थे।
फिर कत्लखाने वालों ने सौदा किया। बीजेपी सरकार ने गाय बैल की बिक्री पर रोक लगा दिया। नतीजा यह हुआ, किसानों ने गाय बैल को एक लिमिट तक अपने पास रखा फिर उन्हें छोड़ना शुरू कर दिया। हुआ क्या की किसानों के गाय बैल किसानों की ही फसल खाकर छः महीने, साल भर में मोटे होने लगे। जब तक छुट्टे गाय बैल कमजोर होते हैं तब तक एरिया में दिखाई देते हैं, मोटे होते ही गो तस्कर उन्हें कत्लखाने पहुंचा देते हैं।
कत्लखानों को जितने तंदुरुस्त गाय बैल चाहिए था, कम पैसे में मिलने लगे और भारत गोमांस के निर्यात में ऊंचाई पर पहुंच गया।

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