बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी SIR को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लखनऊ में 17 नवम्बर 2025 को बाकायदा एक प्रेस कांफ्रेंस करके इसकी जानकारी , मुख्य निर्वाचन अधिकारी के प्रेस वार्ता के तुरंत बाद ही प्रदेश में राजनीतिक पार्टियों का बयान आना शुरू हो गया, इस रिपोर्ट के जरिये हम आपो बताएंगे की आने वाले चुनाव में वोट देने के लिए आपको क्या सावधानियां बरतनी होगी और इस पर राजनीतिक पार्टियों का क्या बयान है
एक रिपोर्ट – विजय मिश्र
आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश में कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को लेकर को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि, सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा राजनैतिक दलों के साथ बैठक कर उन्हें SIR की प्रक्रिया और आयोग के निर्देशों की जानकारी दे दी गई है। राजनैतिक दलों भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजनसमाज पार्टी तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा अपने जिला प्रतिनिधियों की सूची उपलब्ध करा दी गयी है। इनसे सम्पर्क कर बूथ लेबल एजेंट (BLA) नियुक्त करने का अनुरोध किया जाए, जो पुनरीक्षण कार्यों में बीएलओ का सहयोग करेंगे।
इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा समस्त जनपदों को निर्देशित किया गया कि, गणना प्रपत्रों को भरे जाने में BLO अपने बूथ के मतदाताओं की मदद करें साथ ही भरे हुए गणना प्रपत्र यथाशीघ्र एकत्र किया जाए तथा उसे बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटाइज भी कराया जाए। एकत्रीकरण तथा डिजिटाइजेशन कार्य में कम प्रगति वाले जनपदों को विशेष अभियान चलाकर गणना प्रपत्र एकत्र कराने तथा उसको डिजिटाइज कराकर प्रगति में अपेक्षित सुधार लाने का निर्देश दिया गया। किसी भी परिस्थिति में तय समय सीमा के अंदर कार्य को सम्पन्न कराया जाए।
जनपदों को निर्देशित किया गया कि अपने बूथ लेवल अधिकारी को यह निर्देश जारी कर दें कि, वे बीएलओ ऐप का एडवांस वर्जन 8.75 प्ले स्टोर से डाउनलोड कर लें तथा जिन मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किया जा रहा है, उनको बीएलओ ऐप पर मार्क करते रहें, जिससे वितरण की प्रगति ऑनलाइन अपडेट हो सके। मतदाता voters.eci.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने पंजीकृत मोबाइल नम्बर के माध्यम से अपना मतदाता पहचान पत्र संख्या डालकर गणना प्रपत्र ऑनलाईन भी भर सकते हैं। ऑनलाइन माध्यम से गणना प्रपत्र भरे जाने के संबध में वीडियो के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में व्यापक जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाने के निर्देश दिए गए। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
एंव सोशल मीडिया के माध्यम से भी इसका प्रचार प्रसार कराते हुए जनसामान्य को जानकारी उपलब्ध कराया जाए।
सबसे खास बात अब आपको अपने जिले में यह सुविधा मिलेगी , प्रत्येक जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय तथा निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण कार्यालय में हेल्प डेस्क की स्थापना के निर्देश निर्गत किए गए। इसका उद्देश्य मतदाताओं को विशेष प्रकार पुनरीक्षण के संबंध में सहायता प्रदान करना तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना है। इन हेल्प डेस्क पर अनुभवी तथा दक्ष कार्मिकों को तैनात करने के भी निर्देश दिए हैं।
मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरने में सहायता करने के लिए जनपद में एनएसएस, एनसीसी तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें मतदाताओं के बीच भेजकर गणना प्रपत्र भरे जाने में मतदाताओं की सहायता कराए जाने के भी निर्देश दिए।
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के दौरान दिन-प्रतिदिन की प्रगति को मीडिया के साथ साझा किया जाए तथा अपने सोशल मीडिया हैण्डल्स से भी इसको प्रसारित किया जाए। किसी भी भ्रामक/नकारात्मक पोस्ट का तत्काल संज्ञान लेते हुए तथ्यपरक उत्तर दिया जाय।
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि, विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के दौरान किसी भी स्तर पर कार्य में लापरवाही तथा दिये गये निर्देशों की अवहेलना पाये जाने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने सभी राजनैतिक दलों और मतदाताओं से विशेष प्रगाड पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।
वही निर्वाचन आयोग द्वारा SIR बनाने मे तेजी किये जाने के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है समाजवादी पार्टी की तरफ से उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस पर बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान कहा की “बीजेपी के लोग आधे घंटे के आधार बना देते हैं, हमारी मांग है इलेक्शन कमीशन और भारत सरकार से कि जो आधार कार्ड बने वो नकली न बन सके।”
राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव बेंगलुरु
वही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सशक्त लोकतंत्र की नींव हैं ‘सत्यापित मतदाता’…आज विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अंतर्गत गोरखपुर में अपना गणना प्रपत्र स्वयं भरकर उपलब्ध कराया।
और साथ ही जनता से आवाहन भी किया ,आप सभी SIR फॉर्म अवश्य भरें। आपका यह छोटा सा प्रयास भारत के लोकतंत्र को मजबूत करेगा।
बहुजन समाज पार्टी भी SIR को लेकर विशेष सतर्क है एक बैठक में एसआईआर अभियान पर भी विस्तार से चर्चा हुई ।पार्टी को डर है कि इस अभियान में मुस्लिम और दलित वोटरों के नाम काटे जा सकते हैं। इसलिए कमेटियों को निर्देश दिया गया है कि वे बीएलओ पर नजर रखें और लोगों को फॉर्म भरने में मदद करें। बसपा का मानना है कि २००७ में जिस तरह दलित, ब्राह्मण और मुस्लिम समाज के गठजोड़ से पूर्ण बहुमत मिला था, वही फॉर्मूला २०२७ में दोहराया जाएगा।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने SIR को लेकर कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सभी धर्म व जाति के लोगों को एकजुट कर समाज को गुलदस्ते के रूप में स्थापित करने का काम किया था।उस गुलदस्ते को भाजपा उजाड़ने का काम कर रही है. भाजपा हर तरह से देश को तोड़ने में लगी है. प्रदेश प्रभारी ने कहा कि SIR पूरी तरह से बहकाने वाला और छलावा है. भाजपाई विपक्ष और जनता की बात नहीं सुनते। न्यायालय के आदेशों की भी अनदेखी हो रही है।मतदाताओं को उनके अधिकार से भी वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है।
जाहिर है बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी SIR को लेकर चर्चा तेज हों गई हैं , जिसे अपने राजनीतिक पार्टियां अपने अनुसार उसका विश्लेषण कर अपनी तैयारी में जुट रही है , प्रदेश में चुनाव तो 2027 में है लेकिन SIR ने इसकी हलचल अभी से शुरू कर दी है
लखनऊ से विजय मिश्र की रिपोर्ट