आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विट्जरलैंड में
Ncr Today. Khabariya. Webvarta. Washington।अमेरिका और ईरान पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के मुद्दे पर राजी हो गये हैं। दोनों देशों के बीच रविवार को जंग खत्म करने के लिए शांति समझौते पर सहमति बन गयी और अब आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा।
इस बात की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया दी है। श्री ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई! मैं इसके ज़रिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंज़ूरी देता हूँ। दुनिया भर के जहाज़ अपने इंजन चालू करें। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!।”
अमेरिका-ईरान समझौते से पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की उम्मीद: मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम होगी। श्री मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के संबंध में अमेरिका और ईरान के बीच हुई समझ का स्वागत करता हूँ, जिसने विश्व भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान उत्पन्न किया है और अनेक देशों में जनहानि का कारण बना है।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति से क्षेत्र में शांति स्थापित होगी और नौवहन तथा व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत को आशा है कि इस समझ के कार्यान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता की पुनर्स्थापना में सहायता मिलेगी तथा नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी। हम आशा करते हैं कि शेष मुद्दों पर विचार-विमर्श एक टिकाऊ अंतिम समझौते तक पहुँचेगा।”
उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान ने पश्चिम एशिया में पिछले 107 दिनों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की बात कही है। दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तत्काल और स्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है।
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने का ऐलान किया है। इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा।”
उन्होंने कहा, “हम इस विवाद का कूटनीतिक समाधान खोजने की अपनी प्रतिबद्धता के लिए अमेरिका और ईरान का धन्यवाद करना चाहते हैं। हम इस समझौते तक पहुँचने में मदद के लिए मध्यस्थता की कोशिश में शामिल अपने भाइयों कतर के महान नेतृत्व का भी दिल से आभार व्यक्त करते हैं। मैं सऊदी अरब और तुर्की के दूरदर्शी नेतृत्व का भी विशेष रूप से धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस दिशा में बहुत बड़ा योगदान दिया है।”
उन्होंने कहा कि अब जब समझौता हो गया है, तो मध्यस्थ इस हफ़्ते कई बैठकों का आयोजन करेंगे। समझौते को लागू करने से पहले की ये चर्चाएं तकनीकी और आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह के लिए आधार तैयार करेंगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति से क्षेत्र में शांति स्थापित होगी और नौवहन तथा व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी।