NCR TODAY. Khabariya. New Delhi। उपराष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले 8 सितंबर को इंडिया गठबंधन के सांसद दिल्ली में बैठक करेंगे। इस दौरान उन्हें मतदान की प्रक्रिया समझाई जाएगी और एक ‘मॉक पोल’ भी कराया जाएगा। संविधान के अनुच्छेद 66(1) के अनुसार उपराष्ट्रपति का चुनाव सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम से होता है। इसमें सांसद उम्मीदवारों के नाम के आगे प्राथमिकता अंकित करते हैं।
पहली प्राथमिकता अनिवार्य है, जबकि बाकी प्राथमिकताएं वैकल्पिक हैं। यदि पहली प्राथमिकता नहीं दी गई तो वोट अमान्य हो जाएगा। चुनाव आयोग इसके लिए विशेष पेन देगा और किसी अन्य पेन से डाला गया वोट मान्य नहीं होगा। इस बार मुकाबला विपक्षी उम्मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी और एनडीए उम्मीदवार, महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के बीच है। मतपत्र में रेड्डी का नाम पहले और राधाकृष्णन का नाम बाद में होगा।
कुल 782 सांसद वोट डाल सकते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, जस्टिस रेड्डी को करीब 323 वोट मिल सकते हैं, जबकि राधाकृष्णन के पक्ष में 438 वोट जाने का अनुमान है। 21 सांसदों का रुख अभी साफ नहीं है। इसी बीच, जस्टिस रेड्डी ने सांसदों को पत्र लिखकर समर्थन मांगा है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल दो व्यक्तियों के बीच नहीं, बल्कि एक वैचारिक चुनाव है। उन्होंने वादा किया कि अगर वे उपराष्ट्रपति बने तो निष्पक्षता, गरिमा और संवाद की परंपरा को कायम रखेंगे।