Ncr Today. Khabariya. New Delhi। यूपी के आयोध्या राम मंदिर के बढ़ावे की राशि में हेराफेरी और दानपात्रों की धनराशि में गबन किए के मामले में 20 दिन एफआरआर दर्ज करा दी गई।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर गुरुवार शाम रामजन्मभूमि थाने में 8 नामजद समेत अन्य अज्ञातों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि प्रदेश सरकार ने मंदिर के मुख्य कर्ताधर्ता चंपत राय समेत कई बड़े नामों को फिलहाल बचा लिया है। जबकि कई राजनैतिक दल इस मामले में चंपत राय की मुख्य भूमिका और सरगना होने के आरोप लगातार लगाते रहे है।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में याचिकाए दायर की जा चुकी है। जिसके कारण सरकार पर खासा दबाव था। गौरतलब है कि चंपत राय मूल रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर के रहने वाले हैं। यहां उनक पर जमीन कब्जाने और स्थानीय लोगों को धमकाने के आरोप लगते रहे है।
नामजद आरोपियों में मंदिर व्यवस्था से जुड़े रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के अलावा ट्रस्ट कर्मी अनुकल्प मिश्र, इसका बहनोई लवकुश मिश्र, टिन्नू का भतीजा मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल व रिटायर्ड बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को शामिल किया गया हैं।
संज्ञेय अपराध की धाराओं में दर्ज प्राथमिकी में ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारी चंपतराय, डा अनिल मिश्र, गोपाल राव आदि के नाम नहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि सभी आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और इनसे उच्चाधिकारियों ने पूछताछ भी की है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत अन्य लगातार आरोप लगा रहे है कि राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी भारतीय जनता पार्टी, आरएसएस, राज्य एवं केंद्र सरकार के मुखियाऔं के संरक्षण में की गई है। इसके लिए सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ, चंपत राय कई बड़े नाम शामिल हैं िजनको बचाने के लिए पहले बिना FIRके जांच कराई गई। अब रिपोर्ट में छोेटे लोगों को शामिल कर बली का बकरा बना कर लिपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है।

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