Ncr Today. Khabariya. New Delhi। सोमवार को सरकार ने बताया कि पिछले सवा साल में 72 घरेलू मार्गों पर हवाई सफर करीब 21 फीसदी महंगा हो गया है।
नागरिक उड्ड्यन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पाया है कि 72 घरेलू मार्गों पर औसत हवाई किराया मार्च 2025 की तुलना में जून 2026 में 20.5 प्रतिशत बढ़ गया।
उत्तर में कहा गया है कि किराये में वृद्धि का प्रमुख कारण विमान सेवा कंपनियों की परिचालन लागत का बढ़ना है जो कई कारकों पर निर्भर करती है। इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में विमान ईंधन की कीमतें, विदेशी मुद्रा विनिमय दरें, उत्पाद शुल्क, मूल्य वर्धित कर, विमान के पट्टे का किराया आदि शामिल हैं। एयरलाइंस के कुल व्यय में अकेले विमान ईंधन का योगदान लगभग 35 से 40 प्रतिशत होता है।
मंत्री ने बताया कि हवाई किराये में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डीजीसीए ने किराया निगरानी इकाई की स्थापना की है। यह इकाई हर महीने एयरलाइंस की वेबसाइटों के माध्यम से चयनित 78 मार्गों के हवाई किरायों की औचक निगरानी करती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एयरलाइंस अपने द्वारा घोषित सीमा से अधिक किराया न वसूलें।
उत्तर में सरकार द्वारा हवाई यात्रा को किफायती बनाने के लिए उठाये गये कदमों की भी जानकारी दी गयी है। इनमें कम किराये वाली क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़ान’ शुरू करना, विमानों के रखरखाव और मरम्मत से संबंधित पुर्जों और अनुबंधों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं जीएसटी को युक्ति संगत बनाना तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध करके विमान ईंधन पर वैट को कम करने जैसे अन्य उपाय भी शामिल हैं।