Ncr Today. Khabariya. New Delhi। लोकसभा में सोमवार को विपक्ष के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी।
तीन बार स्थग्न के बाद पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने पांच बजे कार्यवाही शुरु की तो विपक्ष सदस्य हंगामा करने लगे। श्री तेन्नेटी ने सदस्यों से लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक-2026 पर चर्चा में शामिल होने का आग्रह किया।
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि महत्वपूर्ण विधेयक होने के बावजूद कांग्रेस जानबूझकर अवरोध उत्पन्न कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी को इस विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।
पीठासीन अधिकारी ने कहा कि यह विधेयक देश के युवाओं के भविष्य के लिए है। उन्होंने कहा कि आप नहीं चाहते हैं इस विधेयक पर चर्चा हो। युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं। अगर आप चर्चा नहीं करना चाहते हैं तो कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित की जाती है।
इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को दो बार के स्थगन के बाद जब दो बजे पुनः शुरू हुई तो हंगामे और नारेबाजी के कारण फिर सुचारु रूप से नहीं चल सकी जिसके कारण अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
श्री बिरला ने सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए सदस्यों से “लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक-2026” पर चर्चा प्रारंभ करने का आग्रह किया लेकिन इससे पहले ही कांग्रेस तथा अन्य कई विपक्षी दलों के सदस्यों सदन के बीचोंबीच आ गये और तख्तियां लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।

राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष में गतिरोध बरकरार, कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

Ncr Today. Khabariya. New Delhi। नीट यूजी परीक्षा लीक के विरोध में जंतर मंतर पर धरना देने और संसद मार्च निकालने वाले छात्रों तथा अन्य प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध के बरकरार रहने से सदन की कार्यवाही चार बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी।
मानसून सत्र के लगातार छठे दिन सोमवार को भी विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर सदन में जोरदार हंगामा किया। इस सत्र में अब तक कोई भी विधायी कामकाज नहीं हो सका है। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले बारह बजे, फिर दो बजे , तीन बजे और फिर सवा पांच बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी।
चौथे स्थगन के बाद शाम सवा पांच बजे जब कार्यवाही पुन: शुरू हुई तो उप सभापति ने ‘ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026″ पर चर्चा ‘ शुरू करानी चाही लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने शोर शराबा शुरू कर दिया।

हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदस्यों से कहा कि यह विधेयक देश के करोड़ों विद्यार्थियों की आकांक्षाओं से जुड़ा है और इसका उद्देश्य पेपर लीक तथा लोक परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर प्रभावी अंकुश लगाना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की शक्ति विचार-विमर्श में निहित है और प्रत्येक सदस्य को इस महत्वपूर्ण विधेयक पर अपने विचार एवं मत व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि नारेबाजी और तख्तियां लहराने से कोई विचार सामने नहीं आते बल्कि लोकतंत्र की ताकत सार्थक चर्चा में है इसलिए चर्चा करके लोकतंत्र के हित में काम करना चाहिए।
उन्होंने सदस्यों को बताया कि आप विधेयक पर चर्चा कीजिए। विधेयक पर छह घंटे चर्चा होनी है और सदन की सहमति से इस विधेयक पर आवश्यकता पड़ने पर अधिक समय तक भी चर्चा करायी जा सकती है, ताकि सभी सदस्य अपने सुझाव और मत रख सकें। उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटकर विधेयक पर चर्चा में भाग लेने की अपील की।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक है और विपक्ष के अनेक सदस्य भी इस पर चर्चा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विधेयक पर बड़ी संख्या में संशोधन और चर्चा के नोटिस प्राप्त हुए हैं, जिससे स्पष्ट है कि सदस्य इस पर अपने विचार रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि जब सदस्य चर्चा के इच्छुक हैं तो कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के सदस्य चर्चा के समय नारेबाजी क्यों कर रहे हैं।
श्री बिरला ने एक बार फिर सभी दलों के सदस्यों से विधेयक पर चर्चा के लिए सहमति बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सहमति बनाने पर विचार कीजिए इसलिए वह सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित कर रहे हैं। उन्होंने सदस्यों से फिर अपनी सीटों पर लौटकर विधेयक पर चर्चा कराने की अपील की लेकिन हंगामा जारी रहने पर उन्हें सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

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